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हरियाणा और महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ेंगी मायावती Print
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Monday, 18 August 2014 08:49



जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में खाता खोल पाने में भी नाकाम रही मायावती की अगुआई वाली बसपा ने इस साल होने वाले हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में अपने ही दम पर अपनी स्थिति को परखने का मन बनाया है। शरद पवार की राकांपा की ओर से गठबंधन की पेशकश आने के बावजूद बसपा ने महाराष्ट्र में अपने बूते चुनाव लड़ने का फैसला किया है। हरियाणा में उसने पार्टी का दामन थामने वाले कांग्रेस के पूर्व सांसद अरविंद शर्मा को बसपा की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश किया है।

मायावती ने कहा कि उन्होंने शरद पवार को स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी आने वाले महीनों में चार राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में अकेले ही मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा- राकांपा नेता (पवार) ने मुझसे सीधे बात नहीं की। लेकिन उनकी बसपा महासचिव सतीश मिश्र से बात हुई है। मैंने मिश्र से कहा कि बातचीत करने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन मैंने उनसे यह स्पष्ट कर देने को कहा कि बसपा कांग्रेस या राकांपा से कोई गठबंधन नहीं करेगी। मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में किसी राजनीतिक दल से चुनावी गठबंधन नहीं करेगी।  

मायावती ने भाजपा और सपा पर रविवार को आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के लिए ये दोनों दल राज्य में सांप्रदायिक हिंसा को हवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियां देशभर में ताकतवर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासन में स्थिति पहले ही खराब थी और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के शासन में आने से हालात और भी बदतर हो गए। मायावती ने संवादाताओें से कहा- हम देख रहे हैं कि सांप्रदायिक शक्तियां देश में बलवती हो रही हैं। कई राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा देखने को


मिली है। इसमें उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश में हो रही सांप्रदायिक हिंसा में सपा और भाजपा शामिल हैं। सपा के सत्ता में आने के दिन से ही राज्य में शांति समाप्त हो गई है। लेकिन भाजपा के केंद्र में आते ही हालात और भी खराब हो गए।

सपा और भाजपा पर उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों उत्तर प्रदेश में राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझ कर सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रहे हैं। स्वतत्रंता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले संबोधन के बारे में बसपा प्रमुख ने कहा कि यह चार राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए दिया गया चुनावी भाषण ज्यादा लगा। मायावती के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि वे प्रधान सेवक हैं लेकिन वे प्रधान सेवक नहीं लगे। अलबत्ता झारखंड, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर और हरियाणा को ध्यान में रख कर चुनावी भाषण देते ज्यादा दिखे।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा केंद्र की सत्ता में आ गई है लेकिन अच्छे दिन आते नहीं दिख रहे। जहां तक चार राज्यों के विधानसभा चुनाव का सवाल है हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू कश्मीर और झारखंड की विधानसभाओं का कार्यकाल इस साल अक्तूबर और अगले साल जनवरी के बीच समाप्त होने जा रहा है। 

मायावती ने बताया कि हरियाणा के पूर्व सांसद अरविंद शर्मा को बसपा में शामिल कर लिया गया है और हरियाणा विधानसभा चुनाव में पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश करेगी। बसपा प्रमुख ने कहा कि हरियाणा के अधिकतर मुख्यमंत्री जाट समुदाय के रहे हैं जिन्होंने अक्सर अन्य समुदायों के हितों की अनदेखी की। इसलिए बसपा ने शर्मा को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में पेश करने का फैसला किया।

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