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निर्दोष भगोडे प्रवासियों की हरसंभव मदद करेगी पंजाब सरकार: सुखबीर Print
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Monday, 07 January 2013 10:13

जलंधर। विदेशों में रहने वाले पंजाब के लोगों की हरसंभव मदद के लिए पंजाब पुलिस को पूरी तरह संवेदनशील बनाने की बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में विभिन्न मामलों में भगोड़ा करार दिए गए निर्दोष प्रवासियों को आरोपों से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में बड़ी संख्या में निर्दोष प्रवासियों को इन आरोपों से मुक्त किया गया है।
प्रवासी पंजाबी सम्मेलन के दूसरे दिन जलंधर आए उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने कार्यक्रम से इतर कहा, प्रवासियों की मदद के लिए पुलिस को पूरी तरह संवदेनशील बनाया जा रहा है ताकि किसी के भी साथ अन्याय नहीं हो। अगर उन्हें लगता है कि उन्हें गलत मामलों में फंसाया गया है, तो वे आकर संपर्क करें हम हर तरह से उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं।
एक सवाल के जवाब में सुखबीर ने कहा कि पिछले पांच साल में 1400 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रवासियों को भगोड़ा करार दिया जा चुका है। बहुत से मामलों में प्रवासियों का दावा था कि उन्हें फंसाया गया है और जो निर्दोष थे उन्हें इन आरोपों से बरी भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा, प्रवासियों से मेरी अपील है कि अगर आपको झूठा फंसाया गया है तो आप यहां आइए और पुलिस से संपर्क करिए। आपको न्याय मिलेगा।
इससे पहले सुखबीर ने अपने संबोधन में यह ऐलान किया था कि प्रवासियों के खिलाफ कोई भी मामला पुलिस उपाधीक्षक स्तर का अधिकारी पूरी छानबीन के बाद ही दर्ज करेगा। इससे नीचे का अधिकारी प्रवासियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अधिकृत नहीं होगा। सुखबीर ने कहा सरकार प्रवासियों के मामले में पूरी संजीदगी से काम कर रही है और आगे भी करेगी। इसके मद्देनजर पुलिस को और संवेदनशील बनाया जा रहा है।
भगोड़ों के मामले में विस्तृत जानकारी देते हुए पंजाब पुलिस के प्रवासी शाखा की महानिरीक्षक गुरप्रीत देव कौर ने बताया, विभिन्न मामलों में


पिछले पांच साल में 1400 प्रवासियों को भगोड़ा करार दिया गया है। इनमें से 556 प्रवासियों को निर्दोष भी करार दे दिया गया है। अगर उन्हें लगता है कि वे भी निर्दोष हैं तो उन्हें भी यहां आना होगा और पुलिस से संपर्क स्थापित करना होगा। एक अन्य सवाल के उत्तर में महानिरीक्षक ने कहा, भगोड़ा साबित हो चुके 844 अन्य मामले बाकी हैं। इनके मामलों को देखकर पहली नजर में ऐसा लगता है कि 44-45 मामलों में भी प्रवासियों को राहत मिल सकती है। हम अदालत में उन्हें पेश कर जल्द से जल्द जमानत दिलवाने का उपाय करेंगे। इसके अलावा जो भी सहायता उनको चाहिए होगी हम मदद करने के लिए तैयार हैं। यह पूछे जाने पर कि प्रवासियों के शिकायतों की प्रकृति क्या होती है, इस पर उन्होंने कहा, प्रवासियों की जितनी भी शिकायतें आती हैं उनमें से 80 फीसद संपत्ति विवाद का होता है। दस फीसद वैवाहिक विवाद के होते हैं और दस फीसद अन्य मामले होते हैं।
प्रवासी मामलों के साथ-साथ जलंधर संभाग के महानिरीक्षक का पद संभाल रही कौर ने कहा,  2011 और 2012 में महानिरीक्षक (प्रवासी) के दफ्तर में क्रमश: 571 और 1169 शिकायतें आई हैं, जबकि इसी अवधि में जिला पुलिस थानों में प्राप्त शिकायतों की संख्या क्रमश: 2036 और 2978 है। अधिकारी ने कहा, 2012 में आईजी के कार्यालय में प्राप्त शिकायतों में से 772 का निपटारा किया जा चुका है, जबकि जिला पुलिस थानों में प्राप्त शिकायतों में से हमने पिछले साल 2402 मामले निपटाए हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी बताया कि अधिकतर मामले जलंधर, होशियारपुर, लुधियाना, मोगा, कपूरथला और नवां शहर के होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रवासियों की मदद के लिए तीन और प्रवासी थाना शुरू  करने का फैसला किया गया है। (भाषा)

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