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नरेंद्र मोदी के संबोधन के सीधे प्रसारण को लेकर कई स्कूल पसोपेश में Print
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Monday, 01 September 2014 09:23


नई दिल्ली। शिक्षक दिवस पर टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के प्रत्येक छात्र तक पहुंचने की पहल से दिल्ली के निजी स्कूल असहज महसूस कर रहे हैं और इनका मानना है कि इसके लिए व्यवस्था करने को मजबूर करने से अन्य क्रार्यक्रम प्रभावित होंगे। दिल्ली सरकार के शिक्षा महानिदेशालय (डीओई) ने अधिसूचना जारी करके सभी निजी और सरकारी स्कूलों को प्रधानमंत्री के संबोधन का और छात्रों से प्रश्न उत्तर सत्र का सीधा प्रसारण 5 सितंबर को शाम 3 बजे से 4 बजकर 45 मिनट तक करने का निर्देश दिया था। निर्देश में कहा गया है कि इसमें किसी तरह की लपरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। डीओई का निर्देश इस बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल के बाद सामने आया जिसमें देश के सभी स्कूलों में प्रधानमंत्री के संबोधन को दिखाने की व्यवस्था करने को कहा गया था। काफी स्कूलों ने इस पहल को सकारात्मक और अच्छा बताया है लेकिन वह महसूस करते हैं कि इसे प्रदर्शित करने के लिए जरूरी व्यवस्था करने के लिए उन पर काफी भार पड़ेगा और वह दिवस को ठीक ढंग ने नहीं मना पाएंगे। 


उधर,गैर भाजपा शासित राज्यों समेत पूरे देश के राज्य स्कूली छात्रों को शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन सुनाने व उनसे संवाद की व्यवस्था करने में सभी तरह की मदद कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड और आंध्र प्रदेश ने कहा कि वे प्रधानमंत्री का संबोधन प्रसारित करने के लिए सभी तरह की व्यवस्था कर रहे हैं जिसमें स्कूलों में टीवी सेट की व्यवस्था करना शामिल हैं। 

पश्चिम बंगाल ने कुछ असहमति के स्वर व्यक्त करते हुए कहा कि कई स्कूलों में ऐसी व्यवस्था करने के लिए आधारभूत ढांचा नहीं है। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, ‘ अगर वे (केंद्र) ऐसा निर्देश देते हैं, तब इसकी व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है। स्कूलों में आधारभूत ढांचा कहां हैं।’ 

तमिलनाडु के शिक्षा विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि अभी की स्थिति में स्कूलों में ऐसी व्यवस्था करने की कोई योजना नहीं है लेकिन अगर जरूरत हुई तब इसकी व्यवस्था की जा सकती है। उन्होंने हालांकि कहा कि इस पहल का मकसद उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और छात्र-शिक्षक संबंधों को बेहतर बनाने में मदद करना है। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यभर में स्कूलों में उनके संबोधन का प्रसारण किया जाता था। गुजरात सरकार ने इस बार भी राज्य के सभी स्कूलों में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के प्रसारण की व्यवस्था की है। 

    राज्य के शिक्षा


मंत्री भूपेंद्रसिंह चुड़ासामा ने कहा,‘यह यहां (गुजरात)सफल प्रयोग रहा जिसे केंद्र लागू करने जा रही है। गुजरात के सफलता की कहानी से पूरे देश को लाभ होगा और यही कारण है कि यह योजना बनाई गई है।’ गुजरात के शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव अरविंद अग्रवाल ने कहा, ‘हम स्कूलों में सीधा प्रसारण एवं संवाद की व्यवस्था करेंंगे। इसका प्रसारण भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट आफ स्पेश एप्लीकेशन एंड जियो इंफार्मेटिक्स के जरिए किया जाएगा।’ मोदी पांच सितंबर को मानेकशॉ आडिटोरियम से देश के चुनिंदा 1000 छात्रों से संवाद भी करेंगे और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके कुछ सवालों का जवाब भी देंगे।  इस कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन एवं शैक्षणिक चैनलों के माध्यम से 18 लाख सरकारी एचं निजी स्कूलों में किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अभूतपूर्व पहल की है।  यह पूछे जाने पर छात्रों के रुकने को ध्यान में रखते हुए क्या स्कूलों को समय में बदलाव करने को कहा गया है, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वे ऐसा कोई निर्देश नहीं दे सकते हैं और ऐसा कुछ नहीं कहा। 

 महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने हालांकि प्रधानमंत्री के टेलीविजन संबोधन में अनिवार्य उपस्थिति के केंद्र के निर्देश को आश्चर्यजनक करार दिया। उन्होंने कहा,‘यह तानाशाही मानसिकता और व्यवहार को दर्शाता है। हमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संबोधन छात्रों को सुनाने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन जिस तरह से इसे थोपा जा रहा है, यह आश्चर्यजनक है।’ कांग्रेस शासित महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा सचिव अश्विनी भिडे ने कहा कि संबोधन का सीधा प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है। 

    सपा शासित उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव (सूचना)नवनीत सहगल ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के छात्रों को संबोधन के बारे में केंद्र से पत्र प्राप्त हुआ है और इसके अनुरूप सभी जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं। पंजाब और हरियाणा सरकार ने भी कहा है कि वे केंद्र के निर्देश का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्खल ने कहा ,‘ शिक्षक दिवस के बारे में केंद्र से राज्य को जो भी संवाद प्राप्त हुआ है, उसका पालन किया जाएगा।’ आंध्र प्रदेश शिक्षा सचिव नीलम साहनी ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रसारण के लिए टीवी सेट के संबंध में कोई खास परेशानी नहीं आएगी। राजस्थान के अतिरिक्त शिक्षा सचिव श्याम एस अग्रवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलनों के लिए टीवी सेट किराए पर लिए जाएंगे।

(भाषा)


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