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देश में दो संविधान नहीं हो सकते : विहिप Print
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Monday, 02 December 2013 22:01

इलाहाबाद। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के संविधान के अनुच्छेद 370 पर पार्टी के रूख को नरम करने के प्रयासों को परोक्ष रूप से अस्वीकार करते हुए विहिप ने आज जोर दिया कि एक देश में दो संविधान नहीं हो सकते और जिस प्रावधान से इसके लिए मंजूरी मिलती है, उसे समाप्त किया जाना चाहिए।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने गुजरात से कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर राज्य को अपना अलग संविधान रखने की अनुमति देता है। यह भारत के अंदर एक अलग देश होने की धारणा के समान है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस अनुच्छेद को हटाया जाना चाहिए।

तोगड़िया ने समान नागरिक संहिता के मुद्दे को


पुनर्जीवित किए जाने की भी मांग की। संघ परिवार के कट्टरपंथी धड़े का अक्सर भाजपा पर आरोप रहा है कि उसने राजनीतिक सहयोगियों के दबाव में इसकी अनदेखी की।

उन्होंने कहा कि देश में मुस्लिमों के लिए अलग नागरिक संहिता है। यह भी स्वीकार्य नहीं है। भारत में रह रहे मुस्लिम भी देश के उतने ही नागरिक हैं जितने अन्य। ऐसे में जरूरी है कि समान संहिता हो जो सभी समुदायों के सदस्यों पर लागू हो।

(भाषा)

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