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अण्णा हजारे ने अरविंद केजरीवाल से आंदोलन के दौरान जमा पैसों का हिसाब मांगा Print
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Tuesday, 19 November 2013 09:09

जनसत्ता संवाददाता

नई दिल्ली। समाजसेवक अण्णा हजारे ने आंदोलन के नाम पर जमा हुए धन का ‘आप’ नेता केजरीवाल से ब्योरा मांगा और अपना नाम किसी भी तरह से इस्तेमाल न करने की हिदायत दी। इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि आंदोलन का पैसा आंदोलन में खर्च हुआ है पार्टी या चुनाव में नहीं।

अण्णा हजारे ने रविवार को केजरीवाल को पत्र लिख कर चिंता जताई कि पार्टी कोष और उन पर सवाल उठ रहे हैं। अण्णा ने आंदोलन के समय इकट्ठा हुए पैसों का ब्योरा मांगा और कहा कि इसको आप के चुनाव में खर्च नहीं किया जाना चाहिए। जनलोकपाल और व्यवस्था परिवर्तन को संसद का काम बताते हुए अण्णा ने कहा कि यह काम विधानसभा का नहीं है।

इसके जवाब में केजरीवाल ने अपनी पार्टी के खाते और अण्णा हजारे को मिले दान के बारे में लगे आरोपों की स्वतंत्र और खुली जांच कराने का प्रस्ताव किया। आप संयोजक ने कहा कि मैं अण्णा जी से अनुरोध करता हूं कि वे न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े सहित जिससे भी चाहें व्यापक जांच करा लें और रिपोर्ट को 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक कर दिया जाए ताकि कांग्रेस और भाजपा में से कोई भी कोष को लेकर लोगों में भ्रम नहीं फैलाने पाए। उन्होंने पाई-पाई का हिसाब जनता के सामने रखने की बात कही।

उन्होंने कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते


हैं तो वे अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे और चुनाव मैदान छोड़ देंगे। लेकिन अगर मैं निर्दोष साबित होता हूं तो अण्णा हजारे को यहां आकर हमारी पार्टी के लिए

प्रचार करना चाहिए। हजारे ने अपने पत्र में इन आरोपों का जिक्र करने के साथ ही यह भी उम्मीद भी जताई है कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है। साथ ही यह भी कहा है कि  चूंकि ऐसी अफवाहें हैं इसलिए यह जरू री है कि केजरीवाल की ओर से इसका स्पष्टीकरण मिले। हजारे अपना नाम इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत भी दी। इस पर केजरीवाल ने अपने जवाब में कहा कि आप चुनाव में हजारे के नाम का किसी भी तरह का इस्तेमाल नहीं कर रही है। न फिल्म में न टोपी में न किसी दूसरी प्रचार सामग्री में।

आप नेता कुमार विश्वास ने कहा कि यह घटना भाजपा की हताशा का परिचायक है। भाजपा ने इसे निम्न स्तर की राजनीति करार दिया है। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि यह घटिया राजनीति है। उन्होने कहा कि यह भी हो सकता है कि इसमें कांग्रेस या फिर आप के किसी का हाथ हो। यह जांच का विषय है।

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