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शवों से मिले सामान से शिनाख्त की कोशिश Print
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Tuesday, 16 July 2013 09:26

पृथा चटर्जी, नई दिल्ली। उत्तराखंड पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर उन सैकड़ों अज्ञात शवों की तस्वीरें और उनका विवरण जारी किया है जिनका केदार घाटी में सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया है। इनमें उनके कपड़ों और सामना की तस्वीरें भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा में मारे गए लोगों शिनाख्त का सूत्र उपलब्ध कराने का एक प्रयास है।
ये तस्वीरें उन लोगों की कहानी कहती हैं, जो केदारनाथ मंदिर के दस किलोमीटर के दायरे में मारे गए या बाढ़ के पानी में बह गए और भूस्खलन के मलबे में दब गए। ये जीवन के निजी और मर्मस्पर्शी टुकड़े हैं, जो अब जीवित नहीं हैं और जिनकी तीर्थयात्रा अप्रत्याशित रूप से अंतिम संस्कार में बदल गई। जितने सामान की तस्वीरें जारी की गई हैं,उनमें नीले और छोटे पत्थरों वाले चांदी के झुमकों और हार का एक सेट भी शामिल है। ये जेवरात पांच फुट दो इंच लंबी एक महिला के हैं। इस महिला की उम्र 45-50 साल थी। आपदा के समय वह हल्के नारंगी रंग का ब्लाउज और लाल किनारे वारी हरे रंग की साड़ी पहने हुए थी। वहां 55-60 साल की आयु और पांच फुट पांच इंच लंबे एक पुरुष के पास से मिले कुछ सेफ्टी पिन और कड़ा भी है। यह व्यक्ति सफेद बनियान और धोती पहने हुए था। इसके अलावा 60-65 साल के एक दुर्बल और दंतहीन पुरुष की कलाई से मिला सोने का कड़ा भी है। यह व्यक्ति लाल रंग की एक चेकदार बनियान पहने हुए था। करीब 40 साल की एक महिला के शव से सोने के बिछुए और चांदी और लाल रंग के झुमके मिले हैं।
इन शवों में कुछ भाग्यशाली भी थे। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक कुछ बटुओं से परिचय पत्र मिले हैं, जैसे पटना के शास्त्रीनगर निवासी सुबोध मिश्र के पास से मिला था। पुलिस को तीन परिचय पत्र मिले, इनमें एक प्रेस कार्ड, एक पैन कार्ड और एक ड्राइविंग लाइसेंस था। वहीं कुछ कम भाग्यशाली लोग भी थे। पुलिस ने ऐसे लोगों के निजी सामान की जानकारी वेबसाइट पर दी है। उसे उम्मीद है कि इनसे कोई तो उनकी पहचान करेगा। इनमें शामिल है,‘लखानी टच’ जूता, पीले रंग की एक           बाकी पेज 8 पर  उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी ८


/>फूलदार धोती, डिजाइनर किनारे वाली एक सफेद धोती, लाल और नीले रंग की चेकदार जिंस और एक काली मखमली जैकेट।
इसके अलावा जिन चीजों की जानकारी दी गई है, उनमें गोदना, जन्मजात चिन्ह और अलग-अलग आकार, रंग और लंबाई की दाढ़ी शामिल हैं।
महिलाओं की पहचान के लिए जेवर बेहतरीन जरिया है। शवों से मिले जेवरों में शामिल हैं लाल, हरी और सफेद रंग की कांच की चूड़ियां, झुमके, चांदी की पायल, सोने की नथ, गोल और चौकोर बिछुए, चेन, हार और कई तरह की पूजा की मालाएं।
पुलिस का कहना है कि शनिवार तक 192 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार हो गया था। इनमें हरिद्वार और इलाहाबाद तक नदी में मिले शव भी शामिल हैं। शुक्रवार को उत्तराखंड सरकार ने मुआवजे के वितरण के लिए 5748 लोगों के गायब होने की जानकारी दी। इन सभी को मृत माना जा रहा है।
पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) आरएस मीणा ने कहा,‘जितने शवों का हमने अंतिम संस्कार किया है, वह लापता लोगों की संख्या को देखते हुए काफी कम हैं। इसलिए हम उनकी पहचान को बचाए रखने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा,‘हम हर शरीर से डीएनए के नमूने ले रहे हैं। इसके अलावा हम उनकी पहचान की भौतिक चीजों जैसे, गोदना, कद, वजन, तिल, जन्मजात चिन्ह और उनके पास से मिली वस्तुओं की विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर जारी कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा,‘हम हर शव से मिली चीजों को सामने ला रहे हैं, कौन जानता है कि कोई इनके सहारे ही अपने किसी प्रिय की पहचान कर ले।’
मीणा ने शनिवार को बताया कि कुछ लोग उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय पहुंच रहे हैं। वे अपने डीएनए का नमूना देने को कह रहे हैं जिससे शवों से लिए गए डीएनए के नमूने से उनका मिलान कराया जा सके। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामलों को हम स्वास्थ्य विभाग को भेज रहे हैं। लेकिन पांच हजार लापता लोगों की जगह हम करीब तीन सौ शवों से ही डीएनए के नमूने ले पाए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने उत्तराखंड पुलिस के वेबसाइट की लिंक को अपनी वेबसाइट पर साझा किया है।

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