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कितने भारत रत्न

जनसत्ता 4 सितंबर, 2014: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत रत्न देने की सुगबुगाहट होते ही थोक के भाव से महापुरुषों को भारत रत्न

 

हाशिये पर गरीब

जनसत्ता 3 सितंबर, 2014: यह अफसोस की बात है कि गरीब आम आदमी के हितों की हिफाजत के दावे करने वाली मुल्क की तमाम सरकारों ने विकास

 

सत्ता का चरित्र

जनसत्ता 3 सितंबर, 2014: संपादकीय ‘बीच बहस में’ (13 अगस्त) पढ़ा। न्यायपालिका का कमजोर होना किसी भी समाज के हित में

 

संवाद का प्रश्न

जनसत्ता 2 सितंबर, 2014: ऐश्वर्ज कुमार का लेख ‘भारतीय भाषाओं के पुनर्वास का प्रश्न’ (21 अगस्त) पढ़ा। यदि इस शीर्षक में निहित

 

विस्थापन की पीड़ा

जनसत्ता 2 सितंबर, 2014: कश्मीरी पंडित जाति/समुदाय को अपने ही देश में बेघर हुए अब लगभग पच्चीस साल हो गए हैं।

 

हिंदी का हाल

जनसत्ता 1 सितंबर, 2014: प्रभु जोशी के लेख ‘हिंदी के विस्थापन का दौर’ (जनसत्ता, 31 जुलाई) में जहां एक तरफ कई मौजूं मुद्दे उठाए गए

 

इरोम की मिसाल

जनसत्ता 1 सितंबर, 2014: बदलाव, जिसे देखो वही इसी शब्द के बारे में बात कर रहा है। पर क्या यह संभव है? अगर कोई इस बदलाव के लिए

 

इबोला का कहर

जनसत्ता 1 सितंबर, 2014: इबोला वायरस के बारे में पहली बार 1976 में पता चला था। तब से मध्य और पूर्वी अफ्रीका में बीस बार यह

 

साख और सम्मान

जनसत्ता 29 अगस्त, 2014 : छब्बीस अगस्त को टीवी पर एक समाचार चैनल में नीचे की पट्टी पर हिंदी के कुछ लेखकों को मिले पुरस्कारों की

 

एक ही थैली के

जनसत्ता 29 अगस्त, 2014 : याद रखिए नरेंद्र मोदीजी, यदि आपको जिताने में जनता ने विवेकहीनता दिखाई तो आपको खारिज करने में भी वह

 

मजहब नहीं सिखाता

जनसत्ता 28 अगस्त, 2014 : मजहब के नाम पर अपनी गतिविधियां चलाने वाले इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस) ने इंटरनेट पर

 
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