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संपादकीय

अपने अपराधी

जनसत्ता 31 जुलाई, 2014 : दिसंबर 2012 में दिल्ली में एक चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। उस घटना

 
न्याय का तंत्र

न्याय का तंत्र

जनसत्ता 30 जुलाई, 2014 : उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालयके जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को बदलने की पहल

 

पाठ या कुपाठ

जनसत्ता 30 जुलाई, 2014 : जहां भी भाजपा सत्ता में होती है, पाठ्यक्रमों में मनमाने फेरबदल करने से बाज नहीं आती। भारतीयता और

 
नेपाल के साथ

नेपाल के साथ

जनसत्ता 29 जुलाई, 2014 : पड़ोसी देशों में भूटान और नेपाल ऐसे देश हैं जिनके साथ हमारे संबंधों में कहीं अधिक स्थिरता रही है। यही

 

नए समीकरण

जनसत्ता 29 जुलाई, 2014 : बिहार में जनता दल (एकी), राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस का साथ आना एक ऐसा राजनीतिक समीकरण बनने की

 

डब्ल्यूटीओ की राह

जनसत्ता 28 जुलाई, 2014 : दुनिया में विभिन्न देशों के बीच जैसी असमानताएं हैं और उनकी सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में जैसे

 

पढ़ाई का पैमाना

जनसत्ता 28 जुलाई, 2014 : संघ लोक सेवा आयोग की नई परीक्षा पद्धति के विरोध में बीते शुक्रवार को दिल्ली में फिर हजारों छात्र

 
विकास का पैमाना

विकास का पैमाना

जनसत्ता 26 जुलाई, 2014 : संयुक्त राष्ट्र की तरफ से हर साल जारी होने वाली मानव

 

सानिया के बहाने

जनसत्ता 26 जुलाई, 2014 : तेलंगाना के एक भाजपा विधायक के सानिया मिर्जा के बारे

 
अधिग्रहण की जमीन

अधिग्रहण की जमीन

जनसत्ता 25 जुलाई, 2014 : सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने जिस तरह एक बार फिर मौजूदा भूमि अधिग्रहण

 

प्रबंधन पर सियासत

जनसत्ता 25 जुलाई, 2014 : शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति का सिख राजनीति पर कितना गहरा असर है और चुनावों में सिख मतों को

 
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आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?