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संपादकीय

भेदभाव के संस्कार

जनसत्ता 12 सितंबर, 2014: सामाजिक समानता हमारी संवैधानिक प्रतिज्ञा है। यों इससे विपरीत व्यवहार के उदाहरण समाज में रोज देखने

 
पर्यावरण और सरकार

पर्यावरण और सरकार

जनसत्ता 11 सितंबर, 2014: मोदी सरकार के सौ दिनों के कामकाज के आकलन में जहां आर्थिक वृद्धि दर में बढ़ोतरी और विदेश

 

विकास की विसंगति

जनसत्ता 11 सितंबर, 2014: कुछ दिन पहले केंद्रीय सांख्यिकी संगठन ने राष्ट्रीय आर्थिक वृद्धि दर के आंकड़े जारी किए थे, जिन्हें

 
कठघरे में भाजपा

कठघरे में भाजपा

जनसत्ता 9 सितंबर, 2014: महीने भर पहले सर्वोच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से पूछा था कि

 

मुसीबत की बरसात

जनसत्ता 9 सितंबर, 2014: इस साल मानसून के कमजोर रहने की भविष्यवाणी मौसम विभाग ने की थी। उसके अनुमान को गलत नहीं कहा जा सकता।

 
नया अध्याय

नया अध्याय

जनसत्ता 8 सितंबर, 2014: आस्ट्रेलिया से परमाणु सहयोग समझौता भारत की एक खास उपलब्धि है, साथ ही यह दोनों देशों के रिश्तों में

 

दुरुस्त आयद

जनसत्ता 8 सितंबर, 2014: जिन विचाराधीन कैदियों ने अपनी संभावित सजा की कम से कम आधी अवधि जेल में गुजार ली है,

 
गंगा की गंदगी

गंगा की गंदगी

जनसत्ता 5 सितंबर, 2014: गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने संबंधी योजना में सुस्ती पर सर्वोच्च न्यायालय की सख्ती स्वाभाविक है।

 

अतर्कित वक्तव्य

जनसत्ता 5 सितंबर, 2014: महंगाई से पार पाने के उपाय के तौर पर जिस समय जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत

 
सहयोग का सफर

सहयोग का सफर

जनसत्ता 4 सितंबर, 2014: भारत ने पूरब की ओर देखो की नीति काफी पहले घोषित की थी, पर इस दिशा में उसने कदम देर से उठाए। आसियान से

 

प्रोत्साहन की ऊर्जा

जनसत्ता 4 सितंबर, 2014: बिजली की मांग और आपूर्ति की खाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। इसलिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर जोर

 
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सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?