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आपदा के बाद

हर्षवर्धन पांडे

जनसत्ता 6 अगस्त, 2014 : कभी तीर्थयत्रियों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाली केदारघाटी में

 

घाटे की खेती

शशिकांत सुशांत

जनसत्ता 5 अगस्त, 2014 : तरक्कीपसंद देश को खेती किसानी में सिर खपाने का समय नहीं रहता, ठीक

 

मूल्यांकन की मार

संजय कुमार बलौदिया

जनसत्ता 4 अगस्त, 2014 : 

 

टूटता भ्रम

रोहित जोशी

जनसत्ता 2 अगस्त, 2014 : हाल में उत्तराखंड उपचुनावों में कांग्रेस की तीनों सीटों पर हुई जीत

 

सानिया का देश

धनंजय सिंह ‘मलंग’

जनसत्ता 1 अगस्त, 2014 : सानिया मिर्जा को तेलंगाना का एंबेसडर बनाए जाने से नाराज हो गए लोगों का

 

मनुष्यता की मशाल

सुरेश उपाध्याय

जनसत्ता 31 जुलाई, 2014 : साहित्य और कला के जनोन्मुख स्वरूप के पक्षधर प्रेमचंद ने कलावाद

 

जवानी धुआं धुआं

नवीन नेगी

जनसत्ता 30 जुलाई, 2014 : दिल्ली विश्वविद्यालय के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रवेश करते ही

 

लोकतंत्र का नृत्य

ऋषि कुमार सिंह

जनसत्ता 29 जुलाई, 2014 : कुछ समय पहले एक अंगरेजी अखबार में ‘डांस आॅफ डेमोक्रेसी’, यानी ‘लोकतंत्र का

 

काल से होड़

वर्षा

जनसत्ता 28 जुलाई, 2014 : चौड़ी सड़क पर आकर खत्म होती गली के मुहाने पर चाय की गुमटी

 

भुलावे का ज्ञान

दिव्यांशु पटेल

जनसत्ता 26 जुलाई, 2014 : वैश्विक और भारत के अकादमिक जगत

 

रिश्तों के धागे

ममता व्यास

जनसत्ता 25 जुलाई, 2014 : हमारा समाज संबंधों का ताना-बाना है, जिस पर हम रोज अपने आसपास कई रिश्ते बुनते हैं जो

 
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सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?