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दमन की राह

जय पांडेय

जनसत्ता 19 अगस्त, 2014 : जिस गति से महिलाएं तमाम विपरीत परिस्थितियों का मुकाबला कर आगे आ रही हैं, बलात्कार

 

हरियाली का राग

प्रतिभा कटियार

जनसत्ता 18 अगस्त, 2014 : ये कौन चित्रकार है, जिसने समूची धरती को हरे रंग में रंग दिया है!

 

स्थायी पते की तलाश

प्रभांसु ओझा

जनसत्ता 16 अगस्त, 2014 : 

 

समरथ का देश

अशोक उपाध्याय

जनसत्ता 15 अगस्त, 2014 : स्वतंत्रता दिवस के आसपास के दिनों में

 

योग्यता की भाषा

शिवम भट्ट

जनसत्ता 14 अगस्त, 2014 : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के अस्तित्व को लेकर

 

यातना के स्कूल

कौशलेंद्र प्रपन्न

जनसत्ता 13 अगस्त, 2014 : 

 

फटा पोस्टर

वाणभट्ट

जनसत्ता 12 अगस्त, 2014 : उस दिन अखबार हमेशा की तरह बोर खबरों से भरा पड़ा था। सभी चैनलों के बाबा यह कहते रहते हैं

 

अनदेखी की विरासत

कुमारी स्नेहा

जनसत्ता 11 अगस्त, 2014 : बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं, जिन्हें ताउम्र उनके दर्शक अपने दिलों के तख्त पर

 

विस्थापन का विकास

मिथलेश शरण चौबे

जनसत्ता 9 अगस्त, 2014 : कुछ लोगों की जिंदगी के भयावह संकटों से बहुतों की सुविधाओं के रास्ते बनते

 

खौफ का दायरा

रचना त्यागी

जनसत्ता 8 अगस्त, 2014 : ढाई साल से ज्यादा गुजर गए। लेकिन आज भी सोलह दिसंबर 2012 की मनहूस रात की घटना भुलाए

 

सोच का सागर

योगेश कुमार ‘शीतल’

जनसत्ता 7 अगस्त, 2014 : सागर मिश्रा की आत्महत्या के कारणों के बारे में सोचना शुरू

 
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