मुखपृष्ठ राजनीति
राजनीति

लाल किले से जो सुना हमने

कुमार प्रशांत

 जनसत्ता 19 अगस्त, 2014 : लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले उसकी

 

हम हिंदुस्तानी

राजकिशोर

 जनसत्ता 18 अगस्त, 2014 : अगर भारत उर्फ इंडिया में रहने वाले सभी लोग हिंदुस्तानी हैं, तो मैं भी

 

कश्मीर समस्या और अतीत की भूलें

प्रभु जोशी

 जनसत्ता 16 अगस्त, 2014 : जब भी इतिहास से मुठभेड़ होती है, हम हमेशा

 

वही धमक फिर

अफलातून

 जनसत्ता 15 अगस्त, 2014 : 

 

त्याग का सच और सच का खुलासा

सुधांशु रंजन

 जनसत्ता 14 अगस्त, 2014 : अधिकतर आत्मकथाएं या संस्मरण आत्मश्लाघा होते हैं जिनमें

 

कश्मीर पर नजरिये का प्रश्न

अजेय कुमार

 जनसत्ता 13 अगस्त, 2014 : जब प्रधानमंत्री कार्यालय में

 

क्या कॉलिजियम का बेहतर विकल्प है

अनंत विजय

 जनसत्ता 12 अगस्त, 2014 : हमारे देश में तकरीबन सभी पदों पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से

 

एक रंगभेद भारतीय भाषाओं के खिलाफ

योगेंद्र यादव

 जनसत्ता 11 अगस्त, 2014 : बरसों पहले एक दफे हिंदुस्तान की एक विख्यात विदुषी के साथ खाने

 

भारतीय समाज की त्रिशंकु दशा

एनके सिंह

 जनसत्ता 9 अगस्त, 2014 : कोलकाता की एक बयालीस वर्षीय महिला ने फेसबुक पर पंद्रह दिन की ‘चैट’

 

भाषा का वरीयता क्रम बदलें

महावीर सरन जैन

 जनसत्ता 8 अगस्त, 2014 : संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षाओं से सीसैट हटाने की छात्रों की मांग

 

सीसैट विवाद और अनुवाद

प्रेमपाल शर्मा

 जनसत्ता 7 अगस्त, 2014 : संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल

 
«StartPrev12345678910NextEnd»

 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?