मुखपृष्ठ दुनिया मेरे आगे
दुनिया मेरे आगे

दीपक मशाल

जनसत्ता 19 सितंबर, 2014: स्वीडन में माल्मो शहर से कुछ दूरी पर ब्रिटेन के स्टोनहेंज की तरह का, लेकिन उसकी तुलना में काफी छोटा, उनसठ भारी-भरकम पत्थरों का एक अंडाकार घेरा है, जिसे स्वीडिश भाषा में औलेस्तेनर

 

मिट्टी से रचते हुए

सीरज सक्सेना

जनसत्ता 18 सितंबर, 2014: बेजिंग से लगभग दो घंटे की हवाई यात्रा कर चांगचुन पहुंचा। दिल्ली हवाई अड्डे पर जम्मू के शिल्पकार चंद्र प्रकाश से मुलाकात हो गई थी। हम दोनों एक ही कला आयोजन में भाग

 

सत्य का मुंह

अनंत विजय

जनसत्ता 16 सितंबर, 2014: कुछ दिनों पहले इतिहासकार बिपिन चंद्र का निधन हो गया। तब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में दीक्षित होकर भारतीय जनता पार्टी में पहुंचे राम माधव ने उनके निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट किया

 

लोकतंत्र में राजा

विष्णु नागर

जनसत्ता 12 सितंबर, 2014: पिछले दिनों मैं मुंबई, पुणे और मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के कुछ शहरों-कस्बों में था। इस बीच चूंकि गणेशोत्सव था, मेरा सामना सैकड़ों ‘राजाओं’ से हुआ। मुंबई की एक गणेश मूर्ति तो

 

लंगूर न्याय

प्रमोद द्विवेदी

जनसत्ता 9 सितंबर, 2014: बड़े जतन और लंबी खोज के बाद वह मिला। बात पांच हजार रुपए पर तय हुई और करार हुआ कि रैंचो माह में पांच छुट्टियां करेगा। इमरजंसी पर बुलाया गया तो भुगतान अलग से। हम दो माह पुराने

 

गुरु की राह

सुमेर चंद

जनसत्ता 5 सितंबर, 2014: अक्सर ऐसी खबरें आती रहती हैं कि किसी शिक्षक के व्यवहार से दुखी होकर विद्यार्थी ने आत्महत्या कर ली या स्कूल में अपने बच्चों के साथ दुर्व्यवहार से गुस्साए ग्रामीणों

 

सुनरख के मोर

प्रयाग शुक्ल

जनसत्ता 17 सितंबर, 2014: मोरों की चर्चा करते ही वे मुझे मोबाइल पर मोरों की विभिन्न छवियां दिखाने लगे। बोले, पहले तो यहां भी बहुत मोर थे, हमारे गांव सुनरख में, पर जैसे-जैसे फ्लैट/ घर बनते जा

 

वक्त की धड़कन

सोमेश गोयल

जनसत्ता 15 सितंबर, 2014: कुछ वाकये ऐसे होते हैं या कुछ खबरें ऐसी होती हैं, जिनको सुन कर आप सन्न रह जाते हैं, मानो दिल की धड़कन ही रुक गई हो। ऐसा ही कुछ हुआ एचएमटी घड़ियों का उत्पादन बंद होने की

 

अंतस का झरना

रचना त्यागी

जनसत्ता 11 सितंबर, 2014: कुछ समय पहले की बात है। मेट्रो में सफर करते समय एक अलग अनुभव हुआ। एक छोटी-सी बच्ची ने अपनी चुलबुली हरकतों से मेट्रो ट्रेन के उस पूरे डिब्बे को गुलजार कर रखा था। कभी

 

सौहार्द की राह

महेंद्र राजा जैन

जनसत्ता 8 सितंबर, 2014: कुछ समय पहले ब्रिटेन में कंजर्वेटिव सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मांग की कि ब्रिटेन में ईद और दिवाली के दिन भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। इंटरनेट पर डेढ़ लाख से अधिक

 

प्रधानमंत्री की पोशाक

राजकिशोर

जनसत्ता 4 सितंबर, 2014: प्रेस का कहना है, प्रधानमंत्री ने जापान का दिल जीत लिया। मैं नहीं जानता कि जापान का दिल कहां बसता है। यह तो पक्का ही है कि वह वेशभूषा में नहीं बसता होगा। जापान एक परिपक्व देश है।

 
«StartPrev12345678910NextEnd»

 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?