मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
सुषमा स्वराज ने किया नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Friday, 19 September 2014 16:51


 राजगीर/नालंदा (बिहार)। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नालंदा विश्वविद्यालय का आज उद्घाटन करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय नहीं परंपराओं का एक स्वरूप है जो कभी मरती नहीं, परिस्थितिवश कभी-कभी विलुप्त हो जाती हैं। लेकिन उनके आस्था रखने वाले लोग एक दिन उन परंपराओं की शुरूआत दोबारा जरूर करते हैं।


     गुप्त काल में छठीं शताब्दी में शुरू हुए प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय को 1193 ईस्वी में तुर्की शासक कुतुबुद्दीन ऐबक के सिपहसालार बख्तियार खिलजी ने ध्वस्त कर दिया था। इसके अवशेष से 12 किलोमीटर की दूरी पर इस विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य गत एक सितंबर से ही शुरू हो गया था।

     राजगीर स्थित कंवेंशन सेंटर में आज नालंदा विश्वविद्यालय का उद्घाटन करते हुए सुषमा ने कहा कि वह यहां आकर अभिभूत हैं और आज का दिन उनके लिए बहुत ही गौरव का दिन है।

     उन्होंने कहा कि पूर्व की भांति यह विश्वविद्यालय ज्ञान के माध्यम से भारत को पूरी दुनिया से जोडने के लिए सेतु


और नींव के रूप में काम करेगा।

     सुषमा ने कहा कि यहां आने के दौरान एक पत्रकार के यह कहने पर कि वह पुराने नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित करने जा रही हैं हमने इंकार करते हुए कहा कि पुनर्जीवित तो उसे किया जाता है जो मर चुका हो।

     उन्होंने कहा कि नालंदा एक विश्वविद्यालय नहीं परंपराओं का एक स्वरूप है जो कभी मरती नहीं, परिस्थिति वश कभी-कभी विलुप्त हो जाती हैं। लेकिन उनके आस्था रखने वाले लोग एक दिन उन परंपराओं की शुरूआत दोबारा जरूर करते हैं।

     सुषमा ने ऐसे ही आस्थावान लोगों में एक पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम शामिल हैं जिन्होंने वर्ष 2006 में कहा था कि हमें नालंदा विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना करनी चाहिए और संयोग देखिए उसी वर्ष के मध्यकाल में सिंगापुर के तत्कालीन विदेश मंत्री जार्ज जियो ने एक प्रस्ताव रखा जिसका नाम ‘नालंदा प्रपोजल’ था।

(भाषा)

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?