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ऐतिहासिक जनमतसंग्रह में स्कॉटलैंड ने आजादी को कहा ‘‘ना’’ PDF Print E-mail
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Friday, 19 September 2014 12:56


लंदन (एडिनबर्ग)। स्काटिश मतदाताओं ने आज ऐतिहासिक जनमतसंग्रह में आजादी को पुरजोर तरीके से खारिज कर दिया और इंग्लैंड तथा वेल्स के साथ अपने 307 साल पुराने संबंधों को जारी रखने का फैसला किया ।

इस जनमत संग्रह ने जहां दोनों पक्षों के बीच तीखे मतभेद पैदा कर दिए थे वहीं दूसरी ओर यूनाइटेड किंगडम में ‘‘विकेंद्रीकरण क्रांति’’ का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया ।

 आजादी समर्थक खेमे को 55 फीसदी से अधिक स्काटिश जनता ने करारी मात दी और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के साथ रहने का फैसला किया। सभी 32 कौंसिल के परिणामों में आजादी को ‘‘ना’’ कहने वालों की, आजादी को ‘‘ हां ’’ कहने वालों पर जीत हुई । आजादी के पक्ष में 1, 617, 989 मत पड़े तो वहीं इसके विरोध में 2, 001, 926 मत पड़े । कुल 32 में से 28 कौंसिल में नतीजा आजादी के खिलाफ रहा जबकि केवल चार ने इसका समर्थन किया ।


 ‘‘बैटर टुगेदर ’’ अभियान के लिए जीत का प्रतिशत 44.7 के मुकाबले 55.3 रहा जो कि अंतिम जनमतसंग्रह के अनुमानित नतीजों से कहीं अधिक था । जनमत संग्रह से पूर्व ‘हां’ और ‘ना’ के बीच कांटे की टक्कर होने की आशंका जतायी जा रही थी। 

    इस जनमत संग्रह में 84.6 फीसदी मतदान हुआ जो ब्रिटेन के किसी चुनाव में सर्वाधिक मतदान है ।

    इंग्लैंड और वेल्स के साथ 307 साल पुराने संबंधों की समाप्ति के खिलाफ स्काटलैंड की जनता द्वारा 10.6 फीसदी के अंतर से अपनी राय जाहिर किए जाने के बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने परिणामों की घोषणा की। 

    प्रधानमंत्री ने इसके साथ ही पूरे ग्रेट ब्रिटेन में ‘‘विकेंद्रीकरण क्रांति’’ का वादा किया ।

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