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अजित समर्थकों ने गंगनहर से रोका पानी PDF Print E-mail
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Friday, 19 September 2014 10:01



जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री अजित सिंह के सरकारी घर का बिजली और पानी बंद करने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उनके समर्थकों ने कड़ा विरोध जताया है। गुरुवार को दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग को भारतीय किसान यूनियन ने जगह-जगह जाम किया। जिससे यातायात घंटों प्रभावित रहा। इसके अलावा मुरादनगर में गंगनहर से दिल्ली को होने वाली पानी की आपूर्ति को भी ठप कर दिया। 

आंदोलनकारियों का कहना था कि जब तक नई दिल्ली के 12 तुगलक रोड का बिजली-पानी बहाल नहीं होगा, वे दिल्ली को भी गंगाजल की आपूर्ति ठप रखेंगे। हालांकि दिल्ली जल बोर्ड ने दावा किया है कि सोनिया विहार और भागीरथी जल उपचार संयंत्रों की पानी की आपूर्ति में व्यवधान के बावजूद वैकल्पिक बंदोबस्त किया गया है। पानी की आपूर्ति नियमित रहेगी। वजीराबाद के जलाशय से अतिरिक्त पानी लेकर दिल्लीवासियों को पानी की सामान्य आपूर्ति बरकरार रखने का बोर्ड ने दावा किया है। 

12 तुगलक रोड नई दिल्ली का वह बंगला है जिसमें चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री बनने के बाद रहते थे। उनके बाद इस बंगले को उनके बेटे अजित सिंह ने आबंटित करा लिया। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में अजित की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल का सूपड़ा साफ हो गया। नतीजन शहरी विकास मंत्रालय ने हारे हुए दूसरे सांसदों की तरह उन्हें भी सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भेज दिया। अजित ने बंगला खाली नहीं किया तो उनका बिजली-पानी बंद कर दिया गया। अजित सिंह चाहते थे कि उन्हें श्राद्ध के दिनों में बंगले से बेदखल न किया जाए। जिस दिन बंगला खाली कराने के लिए पुलिस पहुंची थी, उस दिन उनके समर्थकों ने विरोध कर उसे बैरंग लौटा दिया था। इस बीच इस बंगले को लेकर एक नई मांग उठी है। चौधरी चरण सिंह के अनुयायियों ने इसे उनकी याद में राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने पर जोर दिया है। उन्हें भारत रत्न की उपाधि से विभूषित करने की मांग भी तेज हुई है। इस बाबत हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से लेकर जद (एकी) के सांसद और महासचिव केसी त्यागी तक ने शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू को पत्र लिखे हैं। सभी ने किसानों के हित में और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान किए गए चौधरी चरण सिंह के योगदान की याद दिलाई है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राजेंद्र चौधरी ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कांग्रेस और भाजपा दोनों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने चौधरी साहब के साथ इंसाफ नहीं किया। 

मोदीनगर से अनिल वशिष्ठ के मुताबिक अजित सिंह के सरकारी आवास को खाली कराने से नाराज व उनके आवास को चौधरी चरण सिंह स्मारक बनाए जाने की मांग को लेकर अपनी पूर्व घोषणा


के अनुसार राष्ट्रीय लोकदल व भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पुलिस से सीधे टकराव के बाद आखिर मुरादनगर गंग नहर से दिल्ली के लिए गंगाजल आपूर्ति के लिए लगे रेग्युलेटर पर कब्जा कर आपूर्ति ठप कर दी। मौके पर हजारों की संख्या में रालोद व भाकियू कार्यकर्ता मौजूद थे। रेग्युलेटर पर कब्जे के चक्कर में पुलिस और कार्यकर्ताओं में सीधा टकराव हुआ। जिससे एक दर्जन पुलिस कर्मी और कार्यकर्ता घायल हुए है। कार्यकर्ताओं की भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज कर रबड़ की गोलियां व आंसूगैस के गोले दागे। 

दरअसल कुछ दिन पहले ही भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत और रालोद कार्यकर्ताओं ने खुला एलान कर चेतावनी दी थी कि अजित सिंह के सरकारी आवास को चौधरी चरण सिंह स्मारक नहीं बनाया गया तो वे 18 सितंबर को मुरादनगर गंग नहर से दिल्ली के लिए गंगा जल की आपूर्ति ठप कर देंगे। इसे देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने गुरुवार को सुबह से ही इलाके की नाकेबंदी कर रखी थी। पुलिस की मदद के लिए पीएसी भी तैनात थी। सुबह करीब दस बजे से बागपत, मेरठ व मुजफ्फनगर जिले के रालोद और भाकियू कार्यकर्ताओं का यहां पहुंचना शुरू हो गया।

 मोदीनगर के रालोद विधायक सुदेश शर्मा को पुलिस ने हाईवे पर अबुपुर गांव के सामने रोक दिया। उसके बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ पैदल ही बुपुर से निकल कर गंगनहर मार्ग पर पहुंच गए। बागपत की तरफ से होते हुए गंग नहर मार्ग से सैकड़ों कार्यकर्ता मुरादगनर गंग नहर पर सोनिया विहार व भगीरथी गंगाजल आपूर्ति स्थल के पास जमा हो गए। वे जैसे ही रेग्युलेटर की ओर बढ़े तो वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोका। नतीजन कार्यकर्ताओं और पुलिस में टकराव हो गया। 

कार्यकर्ताओं के बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस ने उन्हें भगाने के लिए लाठीचार्ज किया और रबड़ की गोलियां दागीं। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। जवाब में कार्यकर्ताओं ने भी पुलिस पर पथराव किया। जिससे गाजियाबाद के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह सहित कई पुलिस वालों को चोट पहुंची। इसके बाद आसपास के गांवों की महिला कार्यकर्ताओं को भी बुला लिया गया। अधिकारियों ने नाजुक हालात को देखते हुए पुलिस को पीछे हटा लिया। उसके बाद कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के लिए गंगाजल आपूर्ति के लिए लगे रेग्युलेटर पर कब्जा कर गंगा जल की आपूर्ति को ठप कर दी। मेरठ जोन के पुलिस आइजी आलोक शर्मा, डीआइजी के सत्यनारायण व गाजियाबाद के जिलाधिकारी विमल कुमार शर्मा और एसएसपी धर्मेंद्र सिंह यादव मौके पर जमे थे। हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस की टुकड़ी भी बुला ली।

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