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भारत-चीन के बीच बेहतर व्यापार संबंधों के लिए समझौता, 20 अरब डॉलर निवेश होगा PDF Print E-mail
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Thursday, 18 September 2014 17:58



नई दिल्ली। भारत ने द्विपक्षीय व्यापार संतुलन में सुधार लाने और करीब 20 अरब डॉलर का निवेश प्राप्त करने के लिए आज चीन के साथ पांच साल के व्यापार एवं आर्थिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के दौर पर आए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मौजूदगी में वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण एवं चीन के वाणिज्य मंत्री गावो ह्यूचेंग ने पांच साल की व्यापार एवं आर्थिक विकास योजना पर हस्ताक्षर किए।

   समझौते के तहत समानता और आपसी हित के सिद्धांत के आधार पर चीन और भारत के बीच आर्थिक एवं व्यापार संबंधों के संतुलित एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए मध्यम अवधि का खाका पेश किया गया है।

   अन्य चीजों के अलावा समझौते में द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन कम करने और निवेश सहयोग बढ़ाने की बात कही गई ताकि पांच साल में चीन से 20 अरब डॉलर का निवेश प्राप्त किया जा सके।

   समझौते के दायरे में एक पारदर्शी, स्थिर और निवेशक अनुकूल कारोबारी माहौल और दोनों देशों के उद्योग मंडल और वित्तीय क्षेत्रों


के बीच बेहतर सहयोग भी लाया गया है।

    भारत और चीन के बीच व्यापार अंतर 35 अरब डॉलर का है जो चीन के पक्ष  में है। पिछले साल दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 66.4 अरब डॉलर रहा। 

    सीतारमण और गावो ने इस महीने शुरू में बीजिंग में हुए भारत-तीन संयुक्त आर्थिक समूह की 10वीं बैठक के ब्योरों पर भी हस्ताक्षर किए।

   बीजिंग में हुई दोनों पक्षों की बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही सतत एवं संतुलित व्यापार की स्थिति प्राप्त करने के लिए कुछ पहल करने पर सहमति बनी।

   बैठक में कृषि एवं फार्मा जैसे भारतीय उत्पादों के लिए बाजार पहुंच बढ़ाने के लिए विशिष्ट पहल करने और सेवा निर्यात पर भी चर्चा हुई थी।

(भाषा)



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