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चीन के आंकड़ों, फेडरल रिजर्व की चिंता में सेंसेक्स व निफ्टी में 5 सप्ताह की सबसे बड़ी गिरावट PDF Print E-mail
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Monday, 15 September 2014 17:45


 मुंबई। चीन के बाजार के कमजोर आंकड़ों व अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच आज बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 244.48 अंक की गिरावट के साथ 27,000 अंक के चीने और नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 63.50 अंक गिर कर 8,100 अंक से नीचे आ गया। 


    बिकवाली के दबाव में दबे बाजार ने देश में मुद्रास्फीति के दबाव में कमी की खबर पर ध्यान नहीं दिया जबकि अगस्त माह में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति लगभग पांच सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई है। ब्रोकरों ने कहा कि डालर के मुकाबले रच्च्पया कमजोर होकर 61.14 प्रति डालर पर आ गया। इससे बाजार धारणा और प्रभावित हुई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा उम्मीद से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच बाजार में मुनाफावसूली चली। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का मतलब है कि भारत सहित अन्य उभरते बाजारों से पूंजी की निकासी शुरू हो जाएगी। फेडरल की दो दिन की बैठक कल


शुरू हो रही है।    

    बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स गिरकर खुला और बाद में 27,000 अंक से नीचे आ गया। शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन के कमजोर आंकड़ों का भी बाजार पर असर रहा। 

    अंत में सेंसेक्स 244.48 अंक या 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,816.56 अंक पर बंद हुआ। 28 अगस्त के बाद सेंसेक्स का यह न्यूनतम स्तर है और 8 अगस्त के बाद इसकी यह सबसे बड़ी गिरावट है। 

    निफ्टी 63.50 अंक या 0.78 प्रतिशत के नुकसान से 8,100 अंक से नीचे 8,042 अंक पर बंद हुआ। 8 अगस्त के बाद यह निफ्टी की सबसे बड़ी गिरावट है। 

     चीन के कमजोर कारखाना उत्पादन आंकड़ों से धातु शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। आईटी, तेल एवं गैस, पूंजीगत सामान और एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में भी मुनाफावसूली देखने को मिली। 

(भाषा)


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