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उद्धव ठाकरे ने 135 सीटों के भाजपा के प्रस्ताव को नकारा, अकेले चुनाव लड़ने के भी दिए संकेत PDF Print E-mail
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Monday, 15 September 2014 17:06


मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी के साथ सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर अपना रूख और भी सख्त करते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज कहा कि उन्होंने राज्य विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की भगवा सहयोगी की मांग खारिज कर दी है। 


      उन्होंने यह कहते हुए अकेले ही चुनावी वैतरणी पार करने के अपने इरादे का संकेत दिया कि ‘‘हर चीज का कोई विकल्प होता है।’’

      बहरहाल, उद्धव ने यह भी साफ किया कि सीटों के बंटवारे के लिए कोई फार्मूला तय करने पर बातचीत अभी चल रही है।

      शिवसेना प्रमुख ने शनिवार को कहा था कि अगर भगवा गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता में आता है तो अगला मुख्यमंत्री शिवसेना से होगा।

उद्धव ने कहा, ‘‘उन्होंने (भाजपा ने) एक पेशकश दी जिसके तहत वे 135 सीटों पर लड़ना चाहते थे और मैंने उसे रद्द कर दिया।’’

      शिवसेना अध्यक्ष ने केन्द्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के दो सबसे पुराने सहयोगियों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करते हुए कहा, ‘‘हर चीज का कोई विकल्प होता है। मैंने यह भाजपा को बता दिया कि : विधानसभा सीटों की संख्या पर: आप एक बिंदू से ज्यादा आगे नहीं जा सकते हैं।’’

     उद्धव ने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने चुनावी वैतरणी अकेले पार करने का विकल्प खुला रखा है।

      वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कल कहा था कि उनकी पार्टी ने प्रस्ताव किया है कि आरपीआई (ए) और राजू शेट्टी नीत स्वाभिमानी शेतकरी संघटना जैसे छोटे सहयोगियों के लिए सीटें आबंटित करने के बाद महायुती के दो प्रमुख सहयोगी 135-135 सीटों पर चुनाव लड़ें।

      पिछली बार 2009 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने 169 सीटों पर चुनाव लड़ा था जबकि उसकी सहयोगी भाजपा ने 119 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे।

      उद्धव ने कहा कि ‘‘बातचीत अब भी जारी है और गठबंधन पर कोई फैसला होने तक मैं कोई नकारात्मक चीज नहीं कहूंगा।’’

      शिवसेना अध्यक्ष ने कहा, ‘‘भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी की इस टिप्पणी पर मैं कुछ नहीं कहूंगा कि वार्ता अवरूद्ध हो गई और भाजपा अकेले जाने पर विचार कर रही है। यह आश्चर्य की बात है कि जो वार्ता में शामिल नहीं हैं वे कह रहे हैं कि बातचीत नहीं हो रही है।’’

      उद्धव ने कहा कि दोनों पार्टियों के बीच के रिश्ते 25 साल पुराने हैं और शिवसना एवं भाजपा के लिए साथ साथ


जाना अच्छा रहा है। हमें इस कांग्रेस-राकांपा सरकार को गिराना चाहिए और महाराष्ट्र के लोगों को बचाना चाहिए।’’

  उद्धव ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं हिंदुत्व की तमाम शक्तियां एक साथ आएं। अगर भाजपा कहती है कि ज्यादा विधायकों वाली पार्टी को मुख्यमंत्री पद मिलेगा, उसे नहीं भूलना चाहिए कि यह भी फैसला किया गया था कि शिवसेना विधानसभा में 171 सीटों पर और भाजपा 117 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।’’

      शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘कैसे कोई बालासाहेब (शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे) की ओर से किए गए प्रबंध का सिर्फ एक हिस्सा याद रख सकता है।’’

      उद्धव ने कहा कि चुनाव से पहले हर गठबंधन सहयोगी की ओर से लड़ी जाने वाली सीट की संख्या पर विवाद सामान्य है, लेकिन हर बार दोनों पार्टियां एक साथ रहीं।

      शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि इस बार भी हम एक साथ रहेंगे।’’

      उन्होंने कहा कि सीटों के बटवारे पर बातचीत 2-3 दिन में पूरी होने की उम्मीद है।

      उद्धव ने कहा, ‘‘लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का अपना मिशन 272 था, विधानसभा चुनाव के लिए हमारा मिशन 150 है। किसी को भी इसपर कोई एतराज नहीं होना चाहिए।’’

      शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर वह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष देवेन्द्र फडनविस और पार्टी के महाराष्ट्र मामले के प्रभारी ओपी माथुर के साथ संपर्क में हैं।

      उद्धव ने इससे इनकार किया कि उन्होंने शनिवार को एक टेलीविजन समाचार चैनल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कुछ कहा था।

      शिवसेना अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैंने नहीं कहा कि शिवसेना को मोदी से कोई फायदा नहीं हुआ। मैंने किसी का मजाक नहीं उड़ाया।’’

      उद्धव ने शनिवार को कहा था कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र में राजग की जीत में शिवसेना के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

      शिवसेना अध्यक्ष ने कहा था, ‘‘क्या मोदी लहर तमिलनाडु, पंजाब, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल में दिखी? यह गठबंधन सहयोगी पर भी निर्भर करती है। मोदी हमारे गठबंधन के प्रधानमंत्री हैं।’’

       भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कल कहा था, ‘‘उनकी :उद्धव की: टिप्पणियां नरेन्द्र मोदी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली हैं। महाराष्ट्र भाजपा ने उनकी टिप्पणियों की कड़ी आलोचना और निंदा की है। हमारे कार्यकर्ता बातचीत रोकने के लिए नेतृत्व पर दबाव डाल रहे हैं।’’

(भाषा)

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