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डीजल की कीमतों को यथाशीघ्र नियंत्रणमुक्त किया जाए: रघुराम राजन PDF Print E-mail
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Monday, 15 September 2014 16:49


 मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों के साल भर के निचले स्तर पर आने का फायदा उठाते हुए डीजल के दाम को नियंत्रणमुक्त कर देना चाहिए।


     उल्लेखनीय है कि एशियाई तथा भारतीय खरीददारों के लिए बेंचमार्क बेंरट क्रूड के दाम जून के बाद से 14 प्रतिशत टूटकर 96.38 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। इसके अलावा डीजल के दाम में 50 पैसे प्रति माह की कमबद्ध बढोतरी के चलते इसकी बिकी पर नुकसान (अंडर रिकवरी) घटकर सिर्फ 8 पैसे प्रति लीटर रह गई है।

    राजन ने यहां बैंकिंग शिखर सम्मेलन में कहा,‘कच्चे तेल की कम कीमतों से हम जैसे उपभोक्ता देशों को फायदा हो रहा है। आमतौर पर तेल कीमतों में गिरावट का मतलब चालू खाते के घाटे (कैड) में कमी, तेल सब्सिडी में कमी व मु्रदास्फीति में कमी होता है। हमें इस मौके का फायदा उठा कर जितनी जल्दी


हो सके डीजल सब्सिडी को पूरी तरह समाप्त करना चाहिए।’

    डीजल की कीमतों में संशोधन इस महीने के आखिर में होना है और मौजूदा कम को देखते हुए मामूली बढोतरी से भी अंडर रिकवरी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। हालांकि अंडर रिकवरी समाप्त होने के बाद भी डीजल कीमतों को नियंत्रण मुक्त करने की मंजूरी कैबिनेट को देनी है। यह अधिकार मिलने के बाद तेल कंपनियां डीजल के दाम लागत के अनुसार तय कर सकेंगी। इन कंपनियों को पेट्रोल के दाम के लिए यह छूट जून 2012 से मिल चुकी है।

    उन्होंने कहा,‘निसंदेह हम इंतजार कर सकते हैं लेकिन यह समय निकल जाएगा और हम संभवत फिर सब्सिडी की ओर होंगे।’

   उल्लेखीय है कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने डीजल के दाम हर महीने 50 पैसे प्रति लीटर बढाने का फैसला किया था। मौजूदा राजग सरकार ने भी इसी नीति को जारी रखा है। 

(भाषा)

   

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