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डेविस कप: सोमदेव देववर्मन ने डुसान लाजोविच को हराया PDF Print E-mail
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Monday, 15 September 2014 11:28


 बंगलूर। सोमदेव देववर्मन ने जीत का अपना जज्बा बनाए रखकर रविवार को यहां विश्व में 61वें नंबर के खिलाड़ी डुसान लाजोविच को पांच सैट तक चले मुकाबले में हराकर डेविस कप विश्व ग्रुप प्लेआफ मुकाबले में भारत को सर्बिया के खिलाफ 2-2 से बराबरी दिलाई। 

सोमदेव ने खराब शुरुआत से उबरते हुए तीन घंटे 37 मिनट तक चले मैच में 1-6, 6-4, 4-6, 6-4, 6-3 से जीत दर्ज की। सोमदेव ने अपनी भूमिका निभा दी और अब भारत का भाग्य युकी भांबरी पर निर्भर है जो पांचवें और आखिरी मुकाबले में फिलिप क्राजिनोविच से भिड़ेंगे। 

पहला सैट आसानी से हारने के बाद सोमदेव ने अपनी फुर्ती और दिमाग दोनों का अच्छा इस्तेमाल किया और इस साल फ्रेंच ओपन के प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले अपने सशक्त प्रतिद्वंद्वी को करारा जवाब दिया। सोमदेव ने दूसरे सैट में आठ ब्रेक पाइंट बचाए और बीच में सर्व और वॉली का खेल भी दिखाया। वह हालांकि सर्व और वॉली के खिलाड़ी नहीं हैं लेकिन उन्होंने यह जोखिम उठाया। 

लाजोविच ने अपनी करारी सर्विस से शुरुआत में दबदबा बनाया लेकिन दूसरे सैट में अपने बाएं पांव का उपचार कराने के बाद वह अपनी लय खो बैठे जिससे सोमदेव को वापसी का मौका मिल गया। सोमदेव की सर्विस में सुधार होता गया और उन्होंने जल्दी अंक हासिल किए।  

सोमदेव के पास पहले सैट के शुरुआती गेम में ही ब्रेक पाइंट का मौका था लेकिन इसके बाद उनके पास लाजोविच की सर्विस का उनके पास कोई जवाब नहीं था। सर्बियाई खिलाड़ी ने चौथे और छठे गेम में उनकी सर्विस तोड़कर 29 मिनट में यह सैट अपने नाम किया। 

सोमदेव दूसरे सैट में शुरू  में भी जूझते रहे लेकिन किसी तरह से अपनी सर्विस को बचाए रखने में कामयाब रहे। उन्होंने पहले गेम में तीन, तीसरे गेम में दो और पांचवें गेम में भी दो ब्रेक पाइंट बचाकर


खुद को मैच में बनाए रखा। 

लाजोविच के बाएं पांव में दर्द हो रहा था और उन्होंने इसके लिए उपचार लिया। इसके बाद वह जूझने लगे और सोमदेव ने इसका फायदा उठाकर वापसी कर दी। भारतीय खिलाड़ी के पास छठे गेम में लाजोविच की सर्विस तोड़ने के तीन मौके थे लेकिन वह इसका लाभ नहीं उठा पाए। 

सोमदेव ने नौवें गेम में ब्रेक पाइंट बचाया और अब पहली बार लाजोविच दबाव में सर्विस कर रहे थे। सोमदेव ने फोरहैंड विनर जमाकर सैट पाइंट हासिल किया और लाजोविच का फोरहैंड बाहर जाने से वह मैच बराबर करने में सफल रहे। 

दर्शकों के अपार समर्थन के बीच सोमदेव ने तीसरे सैट में 4-1 की बढ़त हासिल कर ली, लेकिन लाजोविच हार मानने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने सातवें और नौवें गेम में सोमदेव की सर्विस तोड़कर भारतीय खेमे को सकते में डाल दिया और फिर यह सैट जीतकर बढ़त बना ली। 

चौथे सैट के दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इस गेम में छह बार ड्यूस हुआ लेकिन आखिर में लाजोविच अपनी सर्विस बचाने में सफल रहे। इसके बाद हालांकि सोमदेव की सर्विस और रिटर्न में बहुत सुधार दिखा। उन्होंने चौथे गेम में सर्बियाई खिलाड़ी को शून्य पर रखते हुए उनकी सर्विस तोड़कर 3-1 की बढ़त हासिल कर ली और आखिर में सर्व एवं वॉली अंक से यह सैट अपने नाम किया। इसके बाद सोमदेव नियमित रू प से नेट पर आने लगे और इसका उन्हें फायदा मिला। उन्होंने पांचवें सैट के दूसरे गेम में ब्रेक पाइंट बचाया और तीसरे गेम में लाजोविच की सर्विस तोड़ दी। सातवें गेम में भी लाजोविच ने फोरहैंड से गलती की। सोमदेव ने आखिर में फोरहैंड विनर के साथ यह मैच अपने नाम किया। 

(भाषा)

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