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रामदेव की मुहिम को मिला अमित शाह का साथ PDF Print E-mail
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Monday, 15 September 2014 10:14



सुनील दत्त पांडेय

हरिद्वार। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव ने सत्ता परिवर्तन के राष्ट्रीय अभियान के समय जो संकल्प किए थे, हमारी सरकार उसे एक-एक कर पूरा करके ही दम लेगी। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के योग-आयुर्वेद सहित परंपरागत प्रयोगों को अनुसंधान का आधार दिए जाने पर जोर दिया। शाह ने ये बातें पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में सेवा सदन के उद्घाटन पर बतौर मुख्य अतिथि कहीं। 

उन्होंने कहा कि यहां मुझे नागार्जुन, कणाद, भगीरथ, चरक, सुश्रुत जैसे ऋषियों की परंपराओं का जीवंत स्वरूप दिखाई देता है। स्वामी रामदेव ने योग को एक ऐसा माध्यम बनाया है जिसने धर्म, देश, जाति, अमीर-गरीब आदि समस्त सीमाओं को तोड़कर जनमानस में आशा का संचार किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्वामी रामदेव के इस योग-आयुर्वेद के पुनर्जागरण से स्वस्थ भारत का निर्माण होगा। उन्होंने खुद भी स्वामी रामदेव के भारतीय भाषा गौरव अभियान के लिए एक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने का


संकल्प व्यक्त किया। 

अध्यक्षीय भाषण में स्वामी रामदेव ने संस्कृत को वैज्ञानिक भाषा बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को देश में गौरव दिलाने का अभियान हमारे लक्ष्य में है। योग-आयुर्वेद ऋषियों द्वारा दी गई सबसे बड़ी विरासत है। उन्होंने सरकार से योग, आयुर्वेद के वैदिक ज्ञान में वैज्ञानिक अनुसंधान का समावेश करने की मांग की। पतंजलि योगपीठ के माध्यम से नालंदा, तक्षशिला विश्वविद्यालय के समकक्ष शिक्षण तंत्र खड़ा करने की बात कही। 

रामदेव ने उत्तराखंड त्रासदी पर देश के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए जम्मू-कश्मीर में आई आपदा में मोदी सरकार के तात्कालिक राहत व बचाव कार्यों की सराहना की। साथ ही पतंजलि योगपीठ की ओर से जम्मू-कश्मीर को एक करोड़ रुपए की मदद देने की घोषणा की। पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि नरेंद्र मोदी को देखकर लगता है कि कोई हमारे बीच का व्यक्ति आज हमारे देश का प्रधानमंत्री है। 


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