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अदालत ने सीबीआई से पूछा: बिड़ला के खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की क्या थी जल्दी? PDF Print E-mail
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Friday, 12 September 2014 15:08


नई दिल्ली। एक विशेष अदालत ने आज सीबीआई से सवाल किया कि कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की क्या जल्दी थी जिसमें उसने पूर्व में शीर्ष उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।


    सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने एजेंसी के जांच अधिकारी से सवाल किया ‘‘इस मामले को बंद करने की क्या जल्दी थी ?’’

    सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी की जिस बैठक में बिड़ला के स्वामित्व वाली हिंडाल्को कंपनी के कोयला ब्लॉक आवंटन की मांग करने वाले आवेदन पर विचार किया गया था, उस बैठक के मूल मिनट्स ‘‘लापता हैं।’’

    इस पर अदालत ने जांच अधिकारी से यह बताने को कहा कि क्या कोई ऐसा बयान है जिसमें कहा गया है कि जांच समिति की


बैठक के मूल मिनट्स ‘‘गुम हो गए हैं।’’

    न्यायाधीश ने कहा ‘‘किसी का भी ऐसा कोई बयान नहीं है कि मूल मिनट्स गुम हो गए हैं।’’

    जांच अधिकारी जब अदालत के सवालों पर स्पष्टीकरण नहीं दे पाए तब न्यायाधीश ने उन्हें उनके निरीक्षण अधिकारी को अदालत में बुलाने का आदेश दिया।

    साथ ही अदालत ने केस डायरी नहीं लाने के लिए भी सीबीआई की खिंचाई की।

    न्यायाधीश ने जांच अधिकारी से कहा ‘‘किस आधार पर आपने :सीबीआई ने (यह) मामले को बंद करने का: निष्कर्ष निकाला है? किस तरह की जांच आपने की है? निरीक्षण अधिकारी क्या कर रहे थे। पुलिस फाइल ले कर आइए और अपने निरीक्षण अधिकारी को भी अदालत में बुलाइए।’’

(भाषा)


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