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केरल के बार मालिकों को सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत PDF Print E-mail
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Friday, 12 September 2014 09:28



 जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केरल के करीब सात सौ बार मालिकों को राहत देते हुए उन्हें सितंबर के अंत तक कारोबार करने की इजाजत दे दी है। साथ ही उसने हाई कोर्ट से कहा है कि राज्य सरकार की नई शराब नीति के खिलाफ बार मालिकों की याचिका पर शीघ्रता से फैसला किया जाए।

जज एआर दवे और जज उदय यू ललित ने केरल सरकार को राज्य में शराबखानों के संदर्भ में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट से कहा कि नई शराब नीति के खिलाफ दायर याचिकाओं पर यथाशीघ्र, संभव हो तो 30 सितंबर से पहले, निर्णय किया जाए। इस शराब नीति के तहत राज्य सरकार ने करीब सात सौ बार बंद करने का निर्देश दिया था।

इस मामले की संक्षिप्त सुनवाई के दौरान अदालत इस तर्क से सहमत थी कि मदिरा सेवन एक सामाजिक समस्या है लेकिन


उसने राज्य सरकार से सवाल किया कि वह एक बार में ही राज्य में पूर्ण मद्य निषेध क्यों नहीं लागू कर देती। अगर उसकी दस साल में राज्य में पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की योजना है तो वह सिर्फ एक खास श्रेणी के होटलों में चल रहे बार ही क्यों बंद कर रही है। अदालत से अपने पक्ष में आदेश प्राप्त करने के बाद खचाखच भरे कक्ष से बाहर आते हुए इन बार मालिकों ने मुस्कुराते हुए एक दूसरे को ‘चीयर्स’ कहते हुए बधाई दी। 

मालूम हो कि केरल की यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार ने पिछले महीने राज्य में पांच सितारा होटलों से कम श्रेणी के करीब सात सौ होटलों के बार बंद करने का निर्णय किया था। राज्य सरकार ने बार मालिकों को निर्देश दिया था कि 12 सितंबर से इन्हें बंद कर दिया जाए।

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