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न्यायालय ने दिल्ली वि.स पर केंद्र से 10 अक्तूबर तक मांगा जवाब PDF Print E-mail
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Tuesday, 09 September 2014 13:52


नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में सरकार गठन की संभावनाएं तलाशने के लिए उप राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र के जरिए शुरू की गयी राजनीतिक प्रक्रिया के नतीजों पर केंद्र सरकार से दस अक्तूबर तक जवाब मांगा है । 


    न्यायाधीश एच एल दत्तू की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने कहा कि न्यायालय मामले को इतने अधिक समय तक लंबित नहीं रहने दे सकता । पीठ ने केंद्र से कहा कि वह उप राज्यपाल के पत्र पर राष्ट्रपति द्वारा लिए गए फैसले के बारे में उसे सूचित करे । 

   पीठ ने केंद्र की ओर से हाजिर हुए अतिरिक्त सोलिसिटर जनरल (एएसजी) पी एस नरसिंहा से सवाल किया ,‘‘ महामहिम द्वारा कब तक इस संबंध में फैसला लिए जाने की उम्मीद है ।’’

   मामले की सुनवाई शुरू होते ही एएसजी ने उप राज्यपाल नजीब जंग


द्वारा 4 सितंबर को दिल्ली में सरकार गठन की संभावनाओं को तलाशने के मकसद से राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र का जिक्र किया। 

    राष्ट्रपति को लिखे पत्र में उपराज्यपाल ने सबसे बड़े राजनीतिक दल (भाजपा) को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने की अनुमति मांगी है । हालांकि इस दल के पास बहुमत नहीं है। 

    आम आदमी पार्टी (आप) का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता फली एस नरीमन और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए संख्या बल जुटाने के मकसद से भाजपा द्वारा कथित खरीद फरोख्त करने का मुद्दा उठाया। 

    पीठ ने हालांकि कहा कि वह इस मुद्दे पर आप द्वारा पेश किए गए अतिरिक्त हलफनामे को रिकार्ड में नहीं लेगी । पीठ ने साथ ही नरीमन से दस अक्तूबर तक इंतजार करने को कहा। 

(भाषा)


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