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मारिन सिलिच बने यूएस ओपन के नए बादशाह PDF Print E-mail
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Tuesday, 09 September 2014 12:47


न्यूयार्क। मारिन सिलिच ने कल यहां लगातार सेटों में जीत दर्ज करके यूएस ओपन का नया बादशाह बनने के साथ ही जापान के केई निशिकोरी का ग्रैंडस्लैम जीतने वाला पहला एशियाई खिलाड़ी बनने का सपना चकनाचूर कर दिया। 


क्रोएशिया के 14वीं वरीय सिलिच ने पुरूष एकल के फाइनल में निशिकोरी को 6-3, 6-3, 6-3 से हराकर अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीता। वह गोरान इवानिसेविच के बाद ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले पहले क्रोएशियाई खिलाड़ी भी बन गये हैं। इवानिसेविच ने 2001 में विंबलडन खिताब जीता था और अब वह सिलिच के कोच हैं। 

सिलिच को 12 महीने पहले विवादास्पद डोपिंग प्रतिबंध के कारण यूएस ओपन से हटना पड़ा था। लेकिन वह फाइनल में जीत के हकदार थे। उन्होंने नौ ब्रेक प्वाइंट बचाये, 17 ऐस और 38 विनर्स लगाये तथा निशिकोरी को कोई मौका नहीं दिया जिन्होंने फाइनल में पहुंचने से पहले मिलोस राओनिच, स्टैन वावरिंका और विश्व के नंबर एक खिलाड़ी नोवाक जोकोविच को हराया था। 

सोमवार को खेला गया फाइनल 2005 के आस्ट्रेलियाई ओपन के बाद ग्रैंडस्लैम में पहला खिताबी मुकाबला था जिसमें जोकोविच, रोजर फेडरर और राफेल नडाल में से कोई नहीं खेला। 

यह 5 फीट 10 इंच लंबे और 68 किग्रा वजन के निशिकोरी तथा 6 फीट 6 इंच लंबे और 82 किग्रा वजन के सिलिच के बीच विपरीत शैली का मुकाबला था। सिलिच सेमीफाइनल में फेडरर को हराकर यहां पहुंचे थे। 

निशिकोरी की तरह अपने पहले ग्रैंडस्लैम फाइनल में खेलने वाले सिलिच ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों से विशेषकर पिछले साल से मैंने काफी मेहनत की थी। मैं समझता हूं कि मेरी टीम विशेषकर गोरान को भी श्रेय जाता है। हमने बहुत मेहनत की लेकिन महत्वपूर्ण बात यह रही है उन्होंने मुझे टेनिस का लुत्फ लेना सिखाया। ’’

बादल छाये हुए थे तथा गर्मी और उमस के कारण भी चर्चा में रहे टूर्नामेंट में पिछले दो सप्ताह में सबसे ठंडा दिन था लेकिन आर्थर ऐस स्टेडियम में फाइनल देखने के लिये आधे दर्शक ही पहुंचे हुए थे। सिलिच ने पहले गेम में ब्रेक


प्वाइंट बचाया और इसके बाद उन्होंने दबदबा बनाये रखा। 

सिलिच ने बे्रक प्वाइंट लेकर 4-2 से बढ़त बनायी और फिर 33 मिनट में पहला सेट अपने नाम किया। निशिकोरी रक्षात्मक होकर खेल रहे थे और सिलिच ने उन्हें बेसलाइन से आगे नहीं बढ़ने दिया। लंबे कद के क्रोएशियाई खिलाड़ी ने 11 विनर्स लगाये जबकि जापानी खिलाड़ी केवल दो विनर्स ही लगा पाये। 

दसवीं वरीय निशिकोरी ने चौथे दौर में राओनिक और क्वार्टर फाइनल में वावरिंका के खिलाफ भी पहला सेट गंवाया था लेकिन वह वापसी करने में सफल रहे थे लेकिन सिलिच ने उन्हें मौका नहीं दिया। उन्होंने दूसरे सेट के तीसरे गेम में बे्रेक प्वाइंट लिया। इसके बाद निशिकोरी दो ब्रेक प्वाइंट लेने में नाकाम रहे जिससे सिलिच 3-1 से आगे हो गये। 

निशिकोरी के 2011 में कोच रहे ब्रैड गिलबर्ट ने ट्वीट किया, ‘‘केई बहुत अधिक रक्षात्मक हो गया विशेषकर अपने बैकहैंड के मामले में। ’’

लगातार चार ऐस लगाकर सिलिच ने 4-2 की बढ़त बनायी जो उन्होंने फाइनल में अपने तीसरे ब्रेक प्वाइंट से जल्द ही 5-2 कर दिया। निशिकोरी ने मैच में अपने पहले ब्रेक के लिये कुछ रैलियां खेली लेकिन उनका शाट बाहर जाने से सिलिच ने दूसरा सेट भी अपने नाम कर दिया। 

चौबीस वर्षीय जापानी खिलाड़ी ने फिर से अपना बैकहैंड बाहर लगाया जिससे वह 1-3 से पिछड़ गये। सिलिच ने तीन और ब्रेक प्वाइंट बचाये और 5-2 की बढ़त हासिल कर ली। निशिकोरी ने अपनी सर्विस बचायी लेकिन सिलिच को इसके बाद तीन मैच प्वाइंट मिले। उन्होंने पहले में डबल फाल्ट किया लेकिन आखिर में खूबसूरत बैकहैंड क्रासकोर्ट से एक घंटे 54 मिनट तक चले मैच को जीतने में सफल रहे। 

निशिकोरी ने स्वीकार किया कि सिलिच ने उन्हें खेल के हर विभाग में हराया। उन्होंने कहा, ‘‘मारिन आज वास्तव में बहुत अच्छा खेले। मैं अपनी अच्छी टेनिस नहीं खेल पाया। यह कड़ी हार थी लेकिन मैं पहली बार फाइनल में पहुंचकर खुश हूं। मैं अगली बार ट्राफी हासिल करूंगा। ’’

(एएफपी) 


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