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न्यायालय ने सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा से आगंतुक रजिस्टर मामले में मांगा जवाब PDF Print E-mail
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Monday, 08 September 2014 14:58


नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने केन्द्रीय जांच ब्यूरो के निदेशक रंजीत सिन्हा के घर पर रखे आगंतुक रजिस्टर की सूची को ‘गंभीर’ बताते हुये उन्हें इन आरोपों के बारे में लिखित में ‘ साफ साफ ’ जवाब देने का निर्देश दिया।


      शीर्ष अदालत ने जांच ब्यूरो के निदेशक के इस कथन पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की कि वह इस मामले में कोई हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहेंगे और आरोपों का जवाब मौखिक ही देंगे।

      न्यायमूर्ति एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ‘‘हलफनामे में प्राक्कथन गंभीर हैं और सीबीआई निदेशक यह नहीं कह सकते कि वह हलफनामा दाखिल नहीं करेंगे।’’

      सिन्हा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने कहा कि वह हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहते हैं क्योंकि इसका असर 2जी स्पेक्ट्रम मामले के मुकदमे पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय को इस सूचना के स्रोत की जानकारी प्राप्त किये बगैर मामले को नहीं सुनना चाहिए क्योंकि इसमें कही गयी बातें विशेषाधिकार वाले संदेश और सीबीआई की


अत्यधिक गोपनीय फाइल की टिप्पणों पर आधारित हैं।

      लेकिन न्यायालय ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया और कहा कि वह 2जी मामले की निगरानी कर रहा है और उनके खिलाफ बहुत ही गंभीर आरोप लगाने के प्रयास किये गये हैं।

      न्यायालय ने कहा कि यदि सीबीआई निदेशक हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहते हैं तो फिर आगे कार्यवाही की जायेगी और जवाब दाखिल नहीं करने का उनके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जायेगा।

      न्यायाधीशों ने सवाल किया, ‘‘मामले के गुणदोष पर आपको हलफनामा दाखिल करने से कौन रोक रहा है। आप जो कुछ भी कहना चाहते हैं, हमें साफ साफ बताईये।’’

      इसके बाद जांच ब्यूरो के निदेशक सीलबंद लिफाफे में एक हलफनामा दाखिल करने के लिये सहमत हो गये।

      न्यायालय ने ब्यूरो के निदेशक को एक सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुये सुनवाई 15 मई के लिये स्थगित कर दी।

(भाषा)

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