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कोलकाता: भरी पंचायत से गायब छात्रा की मिली लाश PDF Print E-mail
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Thursday, 04 September 2014 09:28



जनसत्ता संवाददाता

कोलकाता। राज्य के जलपाईगुड़ी जिले में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने एक मामूली विवाद को सुलझाने के लिए सालिसी यानी पंचायत की सभा बुलाई थी। लेकिन जिसके खिलाफ पंचायत हुई थी, उसकी बेटी भरी पंचायत से ही गायब हो गई। अगली सुबह रेलवे की पटरियों के किनारे उसका शव मिला। पंचायत के फैसले का विरोध करने की वजह से उस छात्रा को जमीन पर थूक कर चाटने के लिए मजबूर किया गया था। युवती के पिता ने अपनी पुत्री के साथ सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के आरोप में तृणमूल कांग्रेस की स्थानीय पार्षद के पति और दो अन्य नेताओं समेत 13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई है। इस मामले में फिलहाल तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। लेकिन पुलिस ने अब तक तृणमूल कांग्रेस के किसी नेता को गिरफ्तार नहीं किया है। 

इस घटना के विरोध में सीपीएम की छात्र शाखा एसएफआइ ने दो दिनों तक पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। सीपीएम और एसएफआइ समर्थकों ने इस घटना के विरोध में बुधवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया और रास्ता रोका।

यह घटना जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी कस्बे में मंगलवार को हुई। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जेम्स कुजूर का कहना है कि पहली नजर में लगता है कि ट्रेन की टक्कर से ही युवती की मौत हुई है, लेकिन उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि भरी पंचायत से वह युवती आखिर रेल की पटरियों के पास कैसे पहुंची और उसने आत्महत्या करने से पहले अपने कपड़े क्यों उतार दिए? उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि उसके साथ बलात्कार हुआ है या नहीं। दूसरी ओर, तृणमूल नेताओं का दावा है कि सीपीएम की शह पर उनको इस मामले में बेवजह फंसाया गया है।

उस छात्रा के पिता किसान हैं। उन्होंने खेत जोतने के लिए पड़ोसी


से पावर ट्रिलर किराए पर लिया था। उसके किराए पर उपजे विवाद को सुलझाने के लिए ही तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने यह पंचायत बुलाई थी। देर रात तक चली उस पंचायत में उस व्यक्ति के साथ मारपीट की गई और उसे ज्यादा किराया देने को कहा गया, लेकिन उसने इससे मना कर दिया। छात्रा ने अपने पिता से मारपीट का विरोध किया। इस पर तृणमूल नेताओं ने उससे जमीन पर थूक कर चाटने को कहा। उसके कुछ देर बाद वह गायब हो गई। अगले दिन सुबह घर से छह सौ मीटर दूर रेल की पटरियों के पास उसके कपड़े बरामद हुए और उससे कुछ दूरी पर उसका शव मिला। 

सीपीएम के जिला नेता सलिल आचार्य कहते हैं कि भरी सभा से युवती को जबरन ले जाकर बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गई। लेकिन पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया है। उधर, धूपगुड़ी नगरपालिका की नौ नंबर वार्ड की तृणमूल पार्षद नमिता राय के पति चंद्रकांत राय, जो पंचायत में मौजूद थे, का कहना है कि उन्होंने एक मामूली विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई थी। उनका दावा है कि पंचायत में से कोई व्यक्ति उस छात्रा को बुला कर अपने साथ ले गया था। जलपाईगुड़ी के तृणमूल सांसद विजय चंद्र बर्मन भी दावा करते हैं कि पार्टी के तीनों नेताओं को इस मामले में फंसाया गया है।

छात्रा के पिता का आरोप है कि ज्यादा पैसे देने का दबाव बनाने के लिए उनको पंचायत में जबरन बिठाए रखा गया था। अचानक बेटी को गायब पाकर उन्होंने जब उसकी तलाश करनी चाही तो उनको जाने नहीं दिया गया। रात को डेढ़ बजे पंचायत खत्म होने के बाद काफी तलाश के बाद छात्रा का कोई पता नहीं चला। उसके बाद सुबह उसका शव मिला। छात्रा के बदन पर कपड़े नहीं थे। 

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