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इराक में आईएसआईएल के खिलाफ सुरक्षा बलों की मदद करेगा ऑस्ट्रेलिया: अबॉट PDF Print E-mail
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Monday, 01 September 2014 11:28


 मेलबर्न। इराक में ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवांत’ (आईएसआईएल) का मुकाबला कर रहे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और इटली के सुरक्षा बलों के साथ अब ऑस्ट्रेलिया भी आईएसआईएल के खिलाफ लड़ाई में मदद करेगा।


     ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि वह आईएसआईएल के खिलाफ लड़ाई में अपने वैश्विक सहयोगियों की मदद करेगा।

    ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी अबॉट ने कल कहा, ‘‘इराक के उत्तर में सिंजर पहाड़ पर शरण लिए हुए हजारों नागरिकों को विमान द्वारा राहत सामग्री वितरित करने के सफल अंतरराष्ट्रीय प्रयास में शामिल होते हुए अब ‘रॉयल ऑस्ट्रेलियन एअर फोर्स’ (आरएएएफ) भी मानवीय राहत अभियान को आगे बढ़ाएगा।’’

     उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिकी सरकार ने ऑस्ट्रेलिया से आग्रह किया है कि वह बहुराष्ट्रीय प्रयास के तहत सैन्य साजो सामान और युद्ध से जुड़ी सामग्री सहित सैन्य सामग्री की खेप पहुंचाने में मदद करे।’’

     उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण कार्यों को अमल में लाए जाने के लिए ऑस्टेलिया के आरएएफ का सी-130 हरक्यूलस विमान और सी-17 ग्लोबमास्टर विमान अन्य देशों के विमान के साथ कार्य करेगा।

     अन्य देशों में कनाडा, इटली, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं।

     उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया का योगदान इराक की सरकार और क्षेत्रीय देशों के समन्वय के साथ जारी रहेगा।’’

    इराक में स्थिति को ‘‘मानवीय संकट’’ करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ आॅस्ट्रेलिया अपना


करीबी रिश्ता बनाए रखेगा और इराक में मानवीय स्थिति को सुखद बनाने तथा आईएसआईएल के खतरे से निपटने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ कार्य जारी रखेगा।

     उन्होंने कहा, ‘‘हमने सिर कलम किए जाने, सूली पर चढ़ाए जाने, सामूहिक कत्लेआम, मासूम लोगों के घर छोड़े जाने और प्राचीन समुदायों के लोगों का विनाश होते हुए देखा है।’’

     उन्होंने कहा, ‘‘यह महत्वपूर्ण है कि बुराई के खिलाफ मुंह न मोड़ा जाए।’’

     अभियान में भागीदारिता के स्तर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया, ‘‘हमारी भागीदारिता के दो तत्व हैं : जिनमें विमान के द्वारा मानवीय राहत सामग्री पहुंचाना जैसे कार्य शामिल हैं। हमने कल सुबह अमेरली को देखा और एक सप्ताह पूर्व या उससे पहले सिंजर पहाड़ की स्थिति देखी थी। इसके एक सप्ताह बाद हम इराक के कुर्द हिस्सों में शामिल अन्य देशों के सैन्य विमान का हिस्सा बनेंगे।’’

     अबॉट ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के आग्रह, इराकी सरकार के सहयोग और अन्य देशों के संयोजन से यह संभव हो रहा है।

     अबॉट ने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से आगे किसी भी सैन्य भागीदारी को खारिज नहीं करता लेकिन मैं लड़ाकू सैनिकों की जमीनी कार्रवाई को खारिज करता हूं।’’

(भाषा)


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