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संसद का संयुक्त सत्र कल: इमरान की पार्टी में बगावत, सैन्य कमांडरों ने की बैठक PDF Print E-mail
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Monday, 01 September 2014 08:54


इस्लामाबाद। पाक राजधानी में शनिवार को रात भर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच चले संघर्ष में तीन लोगों की मौत और करीब 500 के घायल होने के बाद पूरे देश में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रभावशाली सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने बिगड़ती आंतरिक सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने के लिए रविवार को कोर कमांडरों की बैठक बुलाई जिन्होंने रावलपिंडी में बैठक कर पाकिस्तान की राजधानी के बीचोंबीच 18 दिन से चल रहे प्रदर्शन से बने हालात का जायजा लिया। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि पहले यह बैठक सोमवार को होनी थी लेकिन बिगड़ती आंतरिक सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर रविवार को बुलाई गई। परेशानियों से घिरे प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मंगलवार को संसद का संयुक्त सत्र बुलाने का फैसला किया है जिसमें मौजूदा राजनीतिक संकट पर चर्चा होगी। 


विपक्ष के नेता इमरान खान और मौलाना ताहिर उल कादरी के समर्थकों के शनिवार देर रात प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच करने के बाद हिंसा फैल गई। संघर्ष तब शुरू हुआ जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधक तोड़कर प्रधानमंत्री निवास की ओर जाने की कोशिश की। इस इलाके में राष्ट्रपति भवन, नेशनल असेंबली, सुप्रीम कोर्ट और प्रधानमंत्री आवास हैं। शनिवार रात से यहां हालात बेकाबू हो गए हैं। रातभर चली हिंसा में घायल हुए लोगों में कई पत्रकार भी है। घटना की कवरेज कर रहे पत्रकारों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस दोनों ने ही कहर ढाया। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को समाचार चैनल ‘जियो न्यूज’ के दफ्तर पर भी हमला किया। उन्होंने दफ्तर पर पथराव किया और कर्मचारियों को घेर लिया। लेकिन कर्मचारी किसी तरह सुरक्षित निकलने में कामयाब हो गए। 

शरीफ विरोधी प्रदर्शन के अन्य नेता मौलवी ताहिर उल कादरी ने अपने सात समर्थकों की हत्या का आरोप लगाया लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। हिंसा का दौर रविवार सुबह थोड़ा सा थमा लेकिन पिछले चुनाव में कथित धांधली को लेकर शरीफ पर इस्तीफे के लिए दबाव बनाने के लिए 18 दिनों से चल रहा गतिरोध जारी रहा। 

क्रिक्रेटर से नेता बने इमरान खान ने अंतिम सांस चलने तक संघर्ष करने की ठानी और पाकिस्तानियों से अवैध शासन के खिलाफ बगावत करने का आह्वान किया। हालांकि उन्हें रविवार को उस समय एक बड़ा झटका लगा जब उनकी अपनी पार्टी में ही हो गई। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के आधिकारिक आवास की ओर मार्च करने के इमरान खान के फैसले की आलोचना करने पर पार्टी अध्यक्ष व वरिष्ठ राजनेता जावेद हाशमी को निष्कासित कर दिया गया। इमरान ने इसके साथ ही संसद से इस्तीफा देने से इनकार करने वाले तीन सांसदों को भी निष्कासित कर दिया।

हाशमी ने शनिवार रात यह कहते हुए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के आवास की ओर मार्च करने से इनकार कर दिया था कि यह पार्टी के सामूहिक निर्णय के खिलाफ है और इससे रक्तपात होगा। उन्होंने कहा कि संसद की ओर मार्च का फैसला खान ने खुद किया और यह पार्टी के निर्णय का उल्लंघन था। हाशमी ने कहा


कि इस तरह का व्यवहार विश्व के किसी भी देश में देखने को नहीं मिलता जहां लोग लाठियां उठाकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि खान के फैसले से देश में मार्शल ला लागू हो जाएगा। खान ने इस पर पलटवार करते हुए हाशमी को पार्टी से निष्कासित कर दिया। निष्कासित सांसदों में पेशावर से गुलजार खान, खटक से नसीर खान, स्वात से मुस्सर्रत अहमदजाद शामिल हैं।

इस बीच, सूचना मंत्री परवेज राशिद ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण ढंग से संकट समाप्त करने के लिए वार्ता के लिए तैयार है। जियो न्यूज के अनुसार राशिद ने कहा कि सरकार ने संघर्ष शुरू नहीं किया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की संप्रभुता के प्रतीक संवेदनशील भवनों में घुसने की कोशिश की। उन्होंने कहा- वे चाहते थे कि बंदूक का डर दिखाकर उनकी मांग पूरी की जाए लेकिन वार्ता के लिए हमारे दरवाजे अब भी खुले हैं।

प्रधानमंत्री शरीफ रविवार को राजधानी लौट आए। वे शनिवार को अपने कर्मचारियों के साथ लाहौर चले गए थे। शरीफ ने संकेत दिया कि कुछ ताकतें उन्हें निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं लेकिन लोकतंत्र के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

कांस्टीट्यूशन एवेन्यू में 15 घंटे के संघर्ष के दौरान शिपिंग कंटेनरों और कई वाहनों में आग लगा दी गई। प्रधानमंत्री निवास और संसद भवन के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और रबर की गोलियां दागीं। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी संसद भवन के लॉन में प्रवेश कर गए लेकिन सेना ने उन्हें मुख्य द्वार की ओर पीछे धकेल दिया।

पुलिस कार्रवाई के बाद खान ने पाकिस्तानियों से प्रदर्शन में उनका साथ देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- मैं सभी देशवासियों, सरकारी कर्मचारियों, नौकरशाहों और पुलिस से इस अवैध सरकार के खिलाफ बगावत करने की गुजारिश करता हूं। खान ने अधिकारियों से सरकार के अवैध आदेशों को नजरअंदाज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- मैं अपने लोगों की आजादी के लिए संघर्ष करते हुए मरने को तैयार हूं। अल्लाह या आजादी या मौत। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लोगों की हत्या को लेकर शरीफ और गृहमंत्री चौधरी निसार खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएगी। पूर्व क्रिक्रेटर ने यह कहकर प्रदर्शन का बचाव किया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से मार्च कर रहे थे। 

कादरी ने कहा कि ये लोग भ्रष्टाचार करने और अपना कारोबार चलाने के लिए सत्ता में आए। वे बस एक बात सुनिश्चित करना चाहते हैं कि देश को उसकी संपदा से जिनता वंचित कर सकें, करें। इमरान खान और कादरी 14 अगस्त से शरीफ के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले साल हुए आम चुनावों में शरीफ कथित धांधली की वजह से जीते थे।

(भाषा)


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