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सन-रैनबैक्सी सौदा: सीसीआई को कुछ नए औषधिक रसायनों के बाजार को लेकर चिंता PDF Print E-mail
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Friday, 29 August 2014 16:48


नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सन फार्मा और रैनबैक्सी के बीच अरबों डॉलर के सौदे को सार्वजनिक जांच के दायरे में लाते हुए आज कहा कि प्रमुख मुद्दा यह है कि कहीं इस विलय से कुछ औषधिक अवयवों के बाजार पर एकाधिकार की स्थिति न पैदा हो जाए। 

    सीसीआई चेयरमैन अशोक चावला ने कहा, ‘‘ यह विलय का पहला मामला है जहां सीसीआई ने सार्वजनिक जांच की सिफारिश की है।’’

    इस साल अप्रैल में, सन फार्मा और रैनबैक्सी ने 4 अरब डॉलर के सौदे की घोषणा की थी जिससे विश्व में पांचवी सबसे बड़ी और भारत की सबसे बड़ी विशेष जेनेरिक कंपनी का निर्माण होगा। 

    चावला के कहा कि


मुख्य चिंता औषधीय मॉलीक्यूल्स (औषधिक गुणों वाले रासयनिक योगगिकों) के बाजार में प्रतिस्पर्धा की स्थिति को लेकर है। ये योगिक औषधि उद्योग का स्तम्भ होते हैं। चिंता है कि इस विलय से कहीं कुछ योगिकों का बाजार कुछ कंपनियों के इर्द गिर्द बहुत अधिक संकेंद्रित तो नहीं हो जाएगा। 

    सीसीआई ने दोनों कंपनियों को प्रतिस्पर्धा कानून की धारा 29 (2) के तहत नोटिस भेज कर दस दिन के अंदर इस विलय से औषधि बाजार पर संभावित प्रभाव का विवरण प्रकाशित करने को कहा है। 

(भाषा)

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