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कुश्ती में भारत को मिल सकते हैं 4-5 पदक: योगेश्वर दत्त PDF Print E-mail
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Friday, 29 August 2014 12:04


जनसत्ता संवाददाता 

नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त का मानना है कि सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों में भारत को कुश्ती में चार-पांच पदक मिल सकते हैं। एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्तूबर तक दक्षिण कोरिया के इंचियोन में होंगे। योगेश्वर ने कहा कि इनमें एक स्वर्ण पदक भी हो सकता है। सुशील कुमार के एशियाई खेलों में हिस्सा न लेने की वजह से योगेश्वर पर पदक जीतने का दबाव रहेगा। योगेश्वर ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की बनिस्बत एशियाई खेलों में मुकाबले ज्यादा कठिन होंगे। भारत ने हाल ही में ग्लास्गो में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में कुश्ती में तेरह पदक जीता था। लेकिन एशियाई खेलों में शायद ही ऐसा हो। भारत ने 2010 के एशियाई खेलों के कुश्ती मुकाबले में तीन पदक जीते थे। 

योगेश्वर ने गुरुवार को कहा कि एशियाई खेल निश्चित रू प से काफी कठिन हैं, जिसमें ईरान, जापान, उत्तरी कोरिया, उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान से पहलवान शिरकत कर रहे हैं। अगर आप एशियाई खेलों में अच्छा करते हो तो आपको विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का मनोबल मिलेगा। लड़के काफी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। फ्रीस्टाइल वर्ग में हम चार से पांच पदक की उम्मीद कर सकते हैं, इनमें एक स्वर्ण पदक भी होगा।  योगेश्वर ने पिछले महीने नए 65 किग्रा में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीता था, अब उनकी निगाहें अपने पहले एशियाई पदक पर टिकी हैं। वे ग्वांग्झू एशियाड में चोट के कारण


नहीं जा सके थे लेकिन दोहा 2006 एशियाड में उन्होंने 60 किग्रा में कांस्य पदक जीता था। 

योगेश्वर ने कहा कि मैं एशियाई चैंपियनशिप जीत चुका हूं और मेरा लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतना है। एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन उनकी प्राथमिकता है इसी वजह से योगेश्वर ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लेने से मना कर दिया है। योगेश्वर ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप में मैं हिस्सा लेता अगर यह मुकाबले एशियाई खेलों के बाद होते लेकिन हमारे लिए एशियाई खेल ज्यादा महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि यह चार साल बाद होते हैं। फिर मुझे इस बात का अंदेशा भी था कि अगर विश्व चैंपियनशिप में मुझे चोट लग गई तो मैं एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाता। इससे बचने के लिए ही मैंने इस मुकाबले से हटने का फैसला किया और करीब तीन महीने पहले ही मैंने इसकी घोषणा कर दी थी। योगेश्वर ने उम्मीद जताई कि कुश्ती में भारतीय पहलवानों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा। ओवरआल पुरुष टीम के बारे में उन्होंने कहा कि मुझे और नरसिंह यादव (74 किग्रा) को छोड़कर सभी लड़के युवा हैं। ये अच्छे हैं और वे पदक के भूखे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि वे इसमें सफल होंगे। एक अन्य निश्चित पदक अमित कुमार से जीतने की उम्मीद है जो 57 किग्रा वर्ग में भाग लेंगे। 

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