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नवाज शरीफ के इस्तीफे पर अटकी बात, संकट बरकरार PDF Print E-mail
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Thursday, 28 August 2014 10:48


इस्लामाबाद। पाकिस्तान में दो हफ्ते से चल रहे राजनीतिक संकट को हल करने की दिशा में बुधवार को भी कोई प्रगति नहीं हो पाई। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस्तीफे के मुद्दे पर अटक गई है। पांचवें दौर की बातचीत के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के प्रमुख इमरान खान ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को रद्द कर दिया और कहा कि जब तक शरीफ प्रधानमंत्री हैं तब तक हमें इंसाफ नहीं मिल पाएगा।


पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद अब तक के सबसे मुश्किल इम्तहान से गुजर रहे नवाज शरीफ ने प्रदर्शनकारियों की इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस मुल्क ने पहले भी मुश्किल वक्त में अपना वजूद बचाया है और इसी तरह मौजूदा राजनीतिक संकट भी बीत जाएगा।

सरकार और तहरीक-ए-इंसाफ के बीच बातचीत बुधवार को गतिरोध पर खत्म हुई। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं और सरकार इस मांग को किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं है। इमरान ने संसद के बाहर समर्थकों से कहा-‘आपकी टीम के साथ अब कोई बातचीत नहीं होगी। इस्तीफा नहीं तो बातचीत नहीं।’ उन्होंने कहा कि नवाज शरीफ समय काट रहे हैं। अगर हमने उन्हें सत्ता में रहने दिया तो वे अधिकारियों और मीडिया घरानों को खरीद लेंगे। इमरान ने कहा कि सरकार ने उन्हें उप प्रधानमंत्री बनाने की पेशकश की थी।

इमरान ने कहा कि हमने सहमति का प्रस्ताव दिया था, हम सिर्फ 30 दिन के लिए प्रधानमंत्री के इस्तीफा देने पर सहमत हुए। परंतु वे जानते हैं कि अगर जांच की इजाजत दे दी गई तो फिर क्या होगा। उन्होंने कहा- अगर आप पीछे हटते हैं तो नवाज शरीफ के तहत कोई स्वतंत्र जांच नहीं होगी।

पीटीआइ प्रमुख ने बातचीत रद्द करने का आह्वान उस वक्त किया जब कादरी की ओर से शरीफ के इस्तीफे के लिए दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम की मियाद पूरी हो गई। 

उधर, सुप्रीम कोर्ट ने तहरीक-ए-इंसाफ और प्रदर्शनकारियों को कांस्टीट्यूशन एवेन्यू गुरुवार


तक खाली करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश नसीरुल मुल्क की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कांस्टीट्यूशन एवेन्यू में प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक प्रदर्शनकारी आम लोगों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। इससे सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर आनेजाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं के नेशनल असेंबली से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद बुधवार को पंजाब प्रांत की असेंबली में पार्टी के सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। इससे सरकार पर दबाव और बढ़ गया है। पंजाब की प्रांतीय असेंबली में नेता विपक्ष और तहरीक-ए-इंसाफ के सदस्य महमूदुर राशिद व पार्टी के अन्य 28 सदस्यों ने इस्तीफे सौंप दिए। पंजाब से पार्टी के दो सांसद निगहत इनकियार ओर जहांजेब किची ने अपने इस्तीफे नहीं सौंपे। राशिद ने कहा कि ये दोनों सांसद इस्तीफा नहीं देना चाहते हैं। 

इस बीच मौजूदा राजनीतिक संकट को खत्म करने के लिए परदे के पीछे से कोशिशें जारी हैं। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सिराजुल हक ने लाहौर में कहा-‘पड़ोसी देशों ने भी अपनी चिंताएं बताई हैं। मैं दोनों पक्षों से अपील करता हूं कि वे एक-दूसरे से बातचीत करें और अपने मतभेदों को दूर करें। उनके पास समय बहुत कम है।’

रेल मंत्री साद रफीक ने कहा कि इमरान और कादरी को शरीफ के इस्तीफे पर जोर नहीं देना चाहिए। रफीक ने भरोसा दिलाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी, हालांकि पंजाब पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते ने रेड जोन के इलाके में 500 अधिकारियों को तैनात किया है।

इस बीच न्यायमूर्ति अनवर जहीर जमाल के नेतृत्व में चुनाव आयोग की भी एक बैठक हुई। स्थानीय मीडिया का कहना है कि इस बैठक में इमरान खान की ओर से लगाए गए चुनाव में धांधली के आरोपों पर चर्चा की गई।

 (भाषा)


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