मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
आपराधिक व भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को नहीं बनाना चाहिए मंत्री: न्यायालय PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Wednesday, 27 August 2014 13:42


नई दिल्ली। आपराधिक मामलों और भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे लोगों को मंत्री न बनाए जाने का कड़ा संदेश देते हुए उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ऐसे लोगों की नियुक्ति से बचना चाहिए और ‘राष्ट्रीय हित’ में काम करना चाहिए।


     भारत के प्रधान न्यायाधीश आर एम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने हालांकि ऐसे लोगों को मंत्री बनने से अयोग्य ठहराने से परहेज किया। उन्होंने ऐसे लोगों के नामों की सिफारिश राष्ट्रपति और राज्यपाल के पास न भेजने का फैसला


प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के विवेक पर छोड़ दिया।

     पीठ ने कहा कि वह अनुच्छेद 75:1: (प्रधानमंत्री एवं मंत्रि परिषद की नियुक्ति) में अयोग्यता नहीं जोड़ सकती लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ऐसे लोगों को मंत्री बनाने पर विचार नहीं करना चाहिए, जिनकी पृष्ठभूमि आपराधिक रही है और जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार समेत गंभीर मामलों में आरोप तय किए गए हैं।

(भाषा)


     

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?