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जवाब देने के लिए मायावती को 3 हफ्ते का समय PDF Print E-mail
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Wednesday, 27 August 2014 09:04



जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपित्त के मामले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती के खिलाफ नई प्राथमिकी के लिए दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए बसपा नेता को तीन हफ्ते का समय दिया है। 

प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश निवासी कमलेश वर्मा की जनहित याचिका पर मंगलवार को यह आदेश दिया। इसके साथ ही सुनवाई पांच हफ्ते के लिए स्थगित कर दी गई। अदालत ने याचिकाकर्ता को मायावती के जवाब पर अपना हलफनामा दाखिल करने की अनुमति भी दी है। 

शीर्ष अदालत 17 जनवरी को कमलेश वर्मा की याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हुई थी। याचिका में अनुरोध किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। 

बसपा सुप्रीमो के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला तकनीकी आधार पर निरस्त करने के 18 महीने बाद शीर्ष अदालत ने इस प्रकरण में सीबीआइ की ओर से नई प्राथमिकी दर्ज नहीं करने पर सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि शीर्ष अदालत की ओर से प्राथमिकी निरस्त किए जाने के बाद जांच ब्यूरो को नया मामला दर्ज करने के लिए उचित तरीके से सलाह लेनी चाहिए थी। अदालत ने इसके साथ ही वर्मा की याचिका पर


जांच ब्यूरो और मायावती को नोटिस जारी किया था। 

शीर्ष अदालत ने जुलाई 2012 में तकनीकी आधार पर मायावती के खिलाफ नौ साल पुराने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी निरस्त कर दी थी। अदालत ने कहा था कि जांच ब्यूरो ने उसके 2003 के आदेशों को सही तरीके से समझे बिना ही उनके खिलाफ आगे कार्यवाही की थी। जबकि ये आदेश ताज गलियारा प्रकरण में कथित रूप से स्वीकृति के बगैर ही राज्य सरकार की ओर से 17 करोड़ रुपए के भुगतान के मामले से संबंधित थे। इसके बाद मई 2013 में शीर्ष अदालत ने जुलाई 2012 के फैसले पर पुनर्विचार की याचिका पर निर्णय सुरक्षित रखते हुए कहा था कि उसके पहले के निर्णय ने मायावती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में अलग से कार्यवाही करने का जांच ब्यूरो का अधिकार उससे नहीं लिया था।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील शांति भूषण ने दलील दी थी कि पहले ही जांच ब्यूरो अपनी जांच के दौरान मायावती के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर चुका है और आरोप पत्र भी तैयार कर लिया गया था।    

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