मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
अमेरिकी जासूसी एजेंसी ने बनाया ‘गूगल की तरह का’ अपना खुफिया सर्च इंजन PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Tuesday, 26 August 2014 17:06


वाशिंगटन। एक शीर्ष अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने फोन काल, ईमेल और इंटरनेट चैट समेत खरबोें संचार रिकॉर्डों से सूचनाओं की खोजबीन करने के लिए ‘गूगल की तरह का’ अपना खुफिया सर्च इंजन बनाया है जिसका इस्तेमाल तकरीबन दो दर्जन सरकारी एजेंसियां करेंगी।


      हाल ही में शुरू वेबसाइट ‘द इंटरसेप्ट’ ने अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन की ओर से लीक गोपनीय दस्तावेजों के आधार पर यह जानकारी दी है। उसके अनुसार अमेरिका सरकार अपनी विभिन्न एजेंसियों के मार्फत 850 अरब से ज्यादा रेकार्ड इकट्ठी करती है और ‘गूगल की तरह का’ यह खुफिया सर्च इंजन उन रिकार्ड्स में से सूचनाएं बीनने के लिए अहम माना जाता है।

       यह सर्च इंजन नेशनल सिक्यूरिटी एजेंसी के हाल में रिटायर हुए निदेशक जनरल कीथ अलेक्जैंडर की सोच का नतीजा है।

      इंटरसेप्ट के अनुसार इस सर्च इंजन को ‘आईसीरीच’ का नाम दिया गया है और इसके दायरे में उन विदेशी और अमेरिकी नागरिकों के भी लाखों रिकार्ड हैं जिनपर कभी किसी गलत या अवैध काम के आरोप नहीं लगे हैं।

     ‘द इंटरसेप्ट’ ने अपने कब्जे वाले विभिन्न गोपनीय दस्तावेजों के हवाले से कहा कि सर्च इंजन का डिजाइन अमेरिका में खुफिया टोही रिकार्ड की आंतरिक साझेदारी की सबसे बड़ी प्रणाली के


रूप में किया गया है। यह हर दिन दो अरब से ले पांच अरब नए रिकार्डों का निबटरा कर सकता है जिनमें 30 से ज्यादा प्रकार के ईमेल पर मौजूद मेटाडेटा, फोन काल, फैक्स संदेश, इंटरनेट चैट और टेक्स्ट संदेश शामिल हैं। 

      वेबसाइट ‘द इंटरसेप्ट’ ने प्रणाली से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि जहां ‘‘यह कुछ खास विदेशी खुफिया मेटाडेटा की साझेदारी सक्षम करता है’’ आईसीरीच ‘‘कोई रिपोजिटरी नहीं है :और: घटनाओं या रिकार्डों का भंडारण नहीं करता।’’

     नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक ने इस तरह के सर्च इंजन के वजूद को स्वीकार किया है और कहा कि सूचना की साझेदारी अहम खुफिया सूचनाओं को ‘‘किसी एक कार्यालय या एजेंसी में गैर-परिष्कृत सूचना को संदर्भ-रहित स्थिति में रहने’’ से बचाने के लिए ‘9-11 बाद के खुफियागीरी से जुड़े समुदाय के लिए एक आधार बन गई है।’’

      वेबसाइट ने बताया कि 2010 के एक मेमो के अनुसार बिना किसी वारंट के एकत्रित ईमेल, फोन काल, वेब चैट और सेलफोन स्थल सूचनाओं के एनएसए के खजाने तक अमेरिकी सरकार की 23 एजेंसियों के 1000 विश्लेषकों की पहुंच थी।

(भाषा)

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?