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साल के अंत तक बीमा विधेयक को मिल जाएगी संसद की मंजूरी: जेटली PDF Print E-mail
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Tuesday, 26 August 2014 16:41


नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज उम्मीद जताई कि लंबे समय से अटके बीमा विधेयक को इस साल के अंत तक संसद की मंजूरी मिल जाएगी। इस विधेयक में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। 


      वित्त मंत्री ने आज यहां पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘उम्मीद की जानी चाहिए कि बीमा कानून में संशोधन को इस साल के अंत तक संसद की मंजूरी मिल जाएगी और उसके बाद अधिसूचना जारी की जाएगी।’’ 

     उन्होंने कहा कि बीमा व पेंशन क्षेत्रों में आंतरिक संबंध है। बीमा कानून में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा स्वत: पेंशन क्षेत्र पर भी लागू होती है। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसे में अतिरिक्त निवेश आएगा, अधिक विशेषज्ञता आएगी, अधिक पूंजी आएगी और विभिन्न उत्पाद एक दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे, जो एक बड़ी वास्तविकता बन जाएगा। 

    बीमा विधेयक में इस क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 26 से बढ़ाकर 49 फीसद किए जाने का प्रावधान है। इसमें शर्त यह


है कि प्रबंधन का नियंत्रण भारतीय प्रवर्तक के हाथ में रहेगा। यह विधेयक राज्यसभा में 2008 से लंबित है। 

    नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले महीने इस मूल विधेयक में 97 संशोधन शामिल किए हैं। विभिन्न विपक्षी दलों के कड़े विरोध की वजह से बजट सत्र में यह विधेयक पारित नहीं हो पाया। 

    बाद में इसे विपक्ष की मांग के अनुसार संसद की प्रवर समिति के पास भेजा गया। सरकार ने बजट सत्र के अंतिम दिन विपक्षी दलों की इस मांग को माना। 

इस बीच, वित्त मंत्री ने पीएफआरडीए की नए सिरे से तैयार वेबसाइट तथा पेंशन कोष नियामक की सालाना रिपोर्ट जारी की। 

    इस दौरान जेटली ने पीएफआरडीए के 2003-04 में एक कार्यकारी आदेश के जरिये गठन से लेकर कानून की अधिसूचना के जरिये सांविधिक निकाय बनने तक की यात्रा के बारे में बताया। 

(भाषा)           


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