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आमिर के ‘पीके’ के पोस्टर को मिल गई है सरकारी संस्था की मंजूरी PDF Print E-mail
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Tuesday, 26 August 2014 12:19


मुंबई। बालीवुड अभिनेता आमिर खान और निर्देशक राजकुमार हीरानी ने आज उनकी आगामी फिल्म ‘पीके’ के चर्चित पोस्टर पर पाबंदी की मांग करने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता के इस मामले से संबंध पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वह यह साबित करने में नाकाम रहे कि यह पोस्टर अश्लील है और नग्नता की श्रेणी में आता है।

      अदालत हेमंत पाटिल के मुकदमे की सुनवाई कर रही थी जिसमें याचिकाकर्ता ने फिल्म और आमिर खान के पोस्टर पर आपत्तिजनक दृश्य हटाये जाने तक पाबंदी की मांग की है। इस पोस्टर में आमिर को रेल की पटरी पर एक रेडियो के साथ दिखाया गया है।

      दीवानी अदालत में जवाब देते हुए आमिर और हीरानी ने कहा कि इस पोस्टर को सरकारी संस्था फिल्म प्रचार स्क्रीनिंग समिति ने मंजूरी दी है।

      हीरानी और खान ने अपने जवाब मे कहा कि इस पोस्टर को फिल्म प्रचार स्क्रीनिंग समिति द्वारा मंजूरी मिलने के कारण यह मामला कानून की नजर में स्वीकार करने योग्य नहीं है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए।

   


  उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला दायर करना जल्दबाजी है क्योंकि अब तक फिल्म पूरी नहीं हुई है और फिल्म के कुछ हिस्सों की अब तक शूटिंग पूरी नहीं हुई है। इसलिए सेंसर बोर्ड द्वारा इसकी जांच करने का सवाल नहीं उठता।

      उन्होंने कहा कि इसी तरह का मामला एक अन्य याचिका के जरिये उच्चतम न्यायालय के सामने भी रखा गया और शीर्ष अदालत से इसे खारिज कर दिया इसलिए यह मामला भी खारिज किया जाना चाहिए।

      दीवानी अदालत के न्यायाधीश एमएस शर्मा ने दलीलों के लिए इस मामले को 27 अगस्त के लिए स्थगित कर दिया। 

      न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील आरएन कचावे से अदालत को इस बात पर संतुष्ट करने के लिए कहा कि कथित रूप से निर्वस्त्र होने के लिए अभिनेता के खिलाफ अश्लीलता का मामला बनता है।

(भाषा)

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