मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
उपचुनाव के संकेत PDF Print E-mail
User Rating: / 2
PoorBest 
Tuesday, 26 August 2014 12:03

जनसत्ता 26 अगस्त, 2014 : भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अश्वमेध का घोड़ा बिहार में फंस गया। वहां विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा हार गई। वैसे तो पंजाब से लेकर कर्नाटक तक भाजपा को इन उपचुनावों में कड़ी चुनौती मिली पर बिहार ने मोदी सरकार के करीब सौ दिन के कामकाज पर भी टिप्पणी कर दी है। उत्तर प्रदेश और बिहार में मोदी को जो प्रचंड जीत मिली थी उसे देखते हुए बिहार के नतीजे बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। हालांकि उत्तराखंड में पहले ही भाजपा को बड़ा झटका लग चुका था पर बिहार में लालू-नीतीश की एकता से सब बदल गया। इन नतीजों से पस्त पड़े विपक्ष में भी जान आ गई है तो मोदी और उनके रणनीतिकारों के लिए मंथन का समय आ गया है। 

हिंदुत्व के नाम पर जो एक बार ताकत मिल गई वह बार-बार मिलेगी यह संभव नहीं दिखता। मोदी सरकार जिन अच्छे दिनों के वायदों के विज्ञापनों के बूते सत्ता में आई वे सिर्फ विज्ञापन साबित हुए। महंगाई पहला मुद्दा थी जिस पर आम लोगों को निराशा हुई। कड़े फैसले और देशभक्ति का यह हाल रहा कि पाकिस्तान अब रोज-रोज ललकार रहा है, गोला-बारूद दाग रहा है और लोगों को मार रहा है पर फिलहाल ऐसा कोई हमलावर तेवर नजर नहीं आया जिसकी उम्मीद मोदी से थी। 

सुशासन की बात करें तो किसी जूनियर इंजीनियर की तरह राज्यपालों के तबादले हो रहे हैं। हर जगह मनमाफिक लोगों को तैनात किया जा रहा है। योग्यता न हो तो कानून बदल कर भी यह काम किया गया। विकास के नाम पर ‘स्मार्ट सिटी’ की बात हो रही है किसी ‘स्मार्ट गांव’ की बात कोई नहीं करता। स्वदेशी के नारे के बावजूद विदेशी निवेश उन जगहों में भी लाया जा रहा है जिनसे देश के कारोबार का नुकसान हो। यह कुछ बानगी है सरकार के कामकाज की। बाकी पार्टी अपने पुराने एजंडे पर अब जोर शोर से जुट चुकी है। उत्तर प्रदेश प्रयोगशाला बना हुआ है। 

पश्चिम से अब पूरब की तरफ विभाजन की तैयारी है। अब तक मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली और मेरठ


निशाने पर थे, अब अयोध्या और फैजाबाद में आग सुलगने लगी है। छोटे-छोटे मामलों में दंगा कराने का प्रयास हो रहा है। मसलन, उसने मोटर साइकिल से टक्कर मार दी या एक मोटर साइकिल वाले ने अपने समुदाय की लड़की छेड़ दी। नया नारा ‘लव जेहाद’ का है। हालांकि महिलाओं को लेकर कई ऐसे मामले सामने आए जिन्हें मीडिया ने जम कर उछाला और विपक्ष ने इन पर खूब राजनीति की। पर बाद में वे फर्जी साबित हुए और इन्हें उछालने वाले अखबार ने  अंतिम पन्ने के हाशिये में यह जानकारी देकर अपनी भरपाई कर ली। ऐसे माहौल में बिहार में इन ताकतों से लालू-नीतीश ने राजनीतिक मुकाबला किया और पछाड़ा है। वे अपने एजंडे में साफ थे और सीधे भाजपा को चुनौती दी। अगर भाजपा जीत जाती तो इसका श्रेय नरेंद्र मोदी को जाता पर अब इसे स्थानीय मुद्दों पर आधारित चुनाव बताकर भाजपा अपना पल्लू झाड़ लेगी। पर ये नतीजे नरेंद्र मोदी की राजनीति और उनके अब तक के कामकाज पर जनता की सीधी टिपण्णी है। इससे अन्य प्रदेशों के साथ केंद्र में राजनीतिक समीकरण बदलेंगे। पर इससे उत्तर प्रदेश में खतरा और बढ़ गया है। अब उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं समाज को सतर्क रहना होगा। दंगों का भूगोल बदलने की तैयारी हो चुकी है ।

अंबरीश कुमार, लखनऊ


फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करें- https://www.facebook.com/Jansatta

ट्विटर पेज पर फॉलो करने के लिए क्लिक करें- https://twitter.com/Jansatta  

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?