मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
सेबी ने शुरू की सहारा के निवेशकों का पता लगाने की आखिरी कोशिश PDF Print E-mail
User Rating: / 3
PoorBest 
Monday, 25 August 2014 08:36



जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। सहारा के निवेशकों का पता लगा कर उनका धन वापस करने के लिए पूंजी बाजार विनियामक सेबी ने अंतिम प्रयास शुरू किया है। भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ऐसे सभी लोगों से अगले महीने तक अपना दावा आवेदन जमा करने को कहा है। हालांकि सहारा समूह का दावा है कि उसने सभी संबद्ध पक्षों को सीधे बकाए का भुगतान कर दिया है। बाजार नियामक ने कहा है कि सहारा की दो कंपनियों सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कारपोरेशन (एसआइआरईसीएल) व सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कारपोरेशन (एसएचआइसीएल) द्वारा जारी बांड में जिन लोगों ने निवेश किए हैं, वे 30 सितंबर, 2014 तक धन वापसी के लिए आवेदन, साक्ष्य के रूप में जरूरी दस्तावेजों के साथ सेबी के पास 30 सितंबर 2014 तक जमा कर दें।  

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेबी का यह निर्देश आया है। अदालत ने नियामक से दो कंपनियों के बांडधारकों का धन वापस करने की व्यवस्था करने को कहा था। यह मामला सहारा समूह की दो कंपनियों द्वारा देश भर में करीब तीन करोड़ निवेशकों से विवादित तरीके से 24,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाए जाने से जुड़ा है। हालांकि सहारा का कहना है कि उसने संबद्ध बांडधारकों में से 93 फीसद को बकाए का भुगतान कर दिया है और बची हुई राशि मात्र 2,500 करोड़ रुपए है। अदालत के आदेश के मद्देनजर समूह ने निवेशकों का पैसा लौटाने के लिए दिसंबर 2012 में सेबी के पास 5,120 करोड़ रुपए जमा किए थे। इसके अलावा समूह ने 3,117 करोड़ रुपए इस


साल जून में सेबी के पास जमा कराए।

नियामक ने समूह द्वारा जमा कराई गई राशि में से पात्र निवेशकों को धन वापस करने के लिए पिछले साल मई में प्रक्रिया शुरू  की थी और दावे के लिए आवेदन मंगाने को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। हालांकि अब तक जो धन वापस किया गया है, वह काफी कम है। लेकिन सेबी ने अब तक ऐसे भुगतान की मात्रा के बारे में जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सेबी ने अब नया नोटिस जारी कर समूह की दो कंपनियों के बांडधारकों से धन वापस प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा करने को कहा है। साथ ही उनसे मूल बांड प्रमाणपत्र या पासबुक, पहचान व पते का स्वप्रमाणित साक्ष्य व बैंक खाते का ब्योरा देने को कहा है ताकि राशि उनके खातों में डाली जा सके।

सेबी ने ये सारे दस्तावेज 30 सितंबर, 2014 तक जमा करने को कहा है। उसके बाद जमा आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। सहारा समूह ने सेबी के इस कदम के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है। बताते चलें कि इस मामले में सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय पिछले पांच महीने से जेल में हैं। अदालत ने अंतरिम जमानत के लिए 5,000 करोड़ रुपए नकद व 5,000 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी देने को कहा है। इसमें से समूह ने अबतक 3,117 करोड़ रुपए जमा किया है।


आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?