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नेता, प्रतिपक्ष का समाधान PDF Print E-mail
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Friday, 22 August 2014 11:28

जनसत्ता 22 अगस्त, 2014 : नेता, प्रतिपक्ष की समस्या उतनी गंभीर नहीं है जितनी बनाई और बताई जा रही है। सरकारजी और स्पीकरजी चाहें तो बड़ी आसानी से समाधान निकाल सकते हैं। यह समाधान कानून-सम्मत भी होगा। मेरा सुझाव है कि जब किसी एक दल को लोकसभा चुनाव में बहुमत नहीं मिलता तब गठबंधन सरकार बनाई जाती है, वैसे ही प्रतिपक्षी दलों के गठबंधन का नेता भी नेता, प्रतिपक्ष बन सकता है। जैसे विभिन्न दलों के गठबंधन को सरकार चलाने के लिए एक इकाई मान लिया जाता है, वैसे ही प्रतिपक्षी गठबंधन के नेता को एक इकाई माना जा सकता है। कांग्रेस की अपनी सीटें दस प्रतिशत से कम हैं, लेकिन वह अपने सहयोगी दलों की सीटों को मिला कर दस प्रतिशत से अधिक सीटों की व्यवस्था कर सकती है। इससे नेता, प्रतिपक्ष की कानूनी शर्त का पालन तो होगा ही, प्रतिपक्ष का एक ठोस और समन्वित रूप बन सकता है। 

 कांग्रेस चूंकि मूलत: अकेले खाने वाली पार्टी है, इसलिए वह प्रतिपक्ष में होते हुए भी


इस सामूहिकता के बारे में नहीं सोचेगी। इसलिए प्रतिपक्ष की सर्वदलीय बैठक करके नेता, प्रतिपक्ष का चुनाव हो सकता है। दुख की बात है कि हमारे जीवन में तो नवाचार आ रहे हैं, पर हमारी राजनीति में नहीं। 

राजकिशोर, मयूर कुंज, दिल्ली


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