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इमरान खान ने सरकार से बातचीत बंद करने का किया एलान PDF Print E-mail
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Friday, 22 August 2014 09:14


इस्लामाबाद। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के इस्तीफे पर अड़े पाकिस्तान के विपक्षी नेता इमरान खान ने गुरुवार को अपना रुख कड़ा करते हुए सरकार के साथ बातचीत बंद करने का एलान किया। खान ने एलान किया कि इस लड़ाई के अंजाम तक पहुंचने तक इस्लामाबाद में प्रदर्शन जारी रहेगा। उनके इस रवैये से पाकिस्तान में चल रहा राजनीतिक संकट और गहरा हो गया है। पाकिस्तान अवामी तहरीक के प्रमुख मौलाना ताहिर उल कादरी के हजारों समर्थक इमरान के समर्थकों के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये लोग कड़ी सुरक्षा वाले रेड जोन में दाखिल चुके हैं जहां संसद भवन, प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रपति आवास, सुप्रीम कोर्ट, दूतावास समेत कई महत्त्वपूर्ण सरकारी इमारतें हैं।


कादरी की पार्टी के नेताओं ने बुधवार को सरकार के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात की थी, लेकिन गुरुवार को कोई बातचीत नहीं हुई। इमरान ने बुधवार रात अपने पहले के रुख में थोड़ा नरमी दिखाई थी और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं के एक दल ने सरकारी प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की थी। 

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया कि जिसमें संसद को घेरकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को बाहर करने का आदेश जारी करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह एक प्रशासनिक मामला है और इससे कानून के मुताबिक निपटा जाना चाहिए। इससे उत्साहित इमरान ने सरकार के खिलाफ अपना रुख फिर से सख्त कर लिया और कहा कि प्रधानमंत्री के इस्तीफा देने तक वह सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे। इमरान ने गुरुवार दोपहर संसद के समक्ष अपने समर्थकों से कहा कि वे सविनय अवज्ञा आंदोलन को सभी प्रांतों में ले जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत खत्म हो चुकी है। यह बातचीत कैसे आगे बढ़ सकती है जब हम पहले प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का इस्तीफा चाहते हैं। अपने जमाने के मशहूर क्रिकेटर रहे इमरान ने अपने समर्थकों से इस्लामाबाद में जमा होने का आह्वान करते हुए कहा कि वे ‘आखिरी गेंद तक लड़ेंगे।’

तहरीक ए इंसाफ ने ट्वीट किया- हम सरकार की समिति के साथ बातचीत को निलंबित करते हैं। उनका रवैया बातचीत के आह्वान से बिल्कुल उलट है। पार्टी के नेता शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि इस फैसले के बारे में पंजाब के गवर्नर चौधरी मुहम्मद सरवर को अवगत करा दिया गया है। उनका यह बयान उस वक्त


आया जब सरकार का एक दल एक स्थानीय होटल में तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं के साथ बातचीत के लिए पहुंचा। इससे पहले सरकार के पांच सदस्यों वाले एक दल ने पिछली रात इमरान खान की पार्टी की छह सदस्यीय समिति से मुलाकात की लेकिन दोनों पक्ष शरीफ के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई प्रगति करने में विफल रहे।  

सरकार और कादरी की पाकिस्तान अवामी तहरीक के बीच बातचीत के पहले चरण से भी कोई प्रगति नहीं हो सकी क्योंकि कादरी के प्रतिनिधियों ने शरीफ के इस्तीफे की मांग की। बैठक में दोनों पक्षों ने कादरी के कथित ‘इंकलाबी एजंडे’ पर चर्चा की और सरकार ने सामाजिक-आर्थिक प्रगति व चुनाव सुधारों से जुड़े उनके बिंदुओं पर गौर करने का वादा किया।

पीएटी सरकार की समिति के साथ समझौता वार्ताओं के दौरान अपनी मुख्य मांगों में से एक पर कायम रही। यह मांग थी कि मॉडल टाउन की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर मामला दर्ज किया जाए। धार्मिक नेता कादरी ने पहले वार्ताओं के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था लेकिन जब सेना ने यह स्पष्ट कर दिया कि उसकी ओर से मध्यस्थता की कतई कोई संभावना ही नहीं है, तो कादरी ने जल्दी ही इसे स्वीकार कर लिया।

उधर, एक महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम में पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने गुरुवार को इस्लामाबाद के पुलिस महानिरीक्षक आफताब चीमा को उनके पद से हटा दिया। खान ने कहा कि चीमा को हटाया गया क्योंकि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करने का आदेश देने से इनकार किया था।

पाकिस्तान में विपक्षी नेता इमरान खान ने यहां के राजनीतिक संकट के संदर्भ में दिए बयान को लेकर गुरुवार को अमेरिका की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका में चुनाव में धांधली होती है तो वह नतीजों को कभी स्वीकार नहीं करेगा। लेकिन पाकिस्तान के लिए वह अलग नीति अपना रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग की उप प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कहा था कि अमेरिका पाकिस्तान में संविधान से इतर किसी तरह के बदलाव का समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा था कि हम संविधान के दायरे से बाहर के किसी भी ऐसे बदलाव का समर्थन नहीं करते, जिसे उस लोकतांत्रिक व्यवस्था या जनता पर थोपने का प्रयास किया जा रहा है।

(भाषा)


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