मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
इमरान-कादरी ने संसद की तरफ किया मार्च, पाक की नवाज़ सरकार पर संकट PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Wednesday, 20 August 2014 00:49

alt

इस्लामाबाद। सेना की तैनाती से बेफिक्र पाकिस्तान के विपक्ष के नेता इमरान खान और धर्मगुरु ताहिर उल कादरी ने आज रात अपने हजारों समर्थकों के साथ भारी सुरक्षा बंदोबस्त वाले ‘रेड जोन’ की तरफ मार्च किया जिससे सुरक्षाबलों के साथ झड़पों की आशंका बढ़ गई हैं।

खान और कनाडा आधारित धर्मगुरु ताहिर उल कादरी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले छह दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं जिससे पीएमएल-एन नीत सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है।

खान ने ‘रेड जोन’ की तरफ मार्च शुरू करने से पहले अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुझसे वादा कीजिए, अगर मेरे साथ कुछ गलत होता है तो आप नवाज शरीफ से बदला लेंगे।’’ खान ने रेड जोन की ओर वाहनों का काफिला बढ़ने के दौरान कहा, ‘‘मैं आ रहा हूं, मैं आपको जवाबदेह बनाने आ रहा हूं।’’

खान और कादरी के नेतृत्व में अलग-अलग समूह सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग ले रहे हैं।‘डॉन न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से खबर दी कि प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा है कि वह किसी भी हालत में इस्तीफा नहीं देंगे।

प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर मार्च के बीच, शरीफ सत्तारूढ़ पीएमएल-एन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ रेड जोन में अपने आधिकारिक आवास में मौजूद हैं। वह हर गतिविधि पर खुद नजर रखे हुए हैं।

कादरी अपनी बुलेटप्रूफ कार में रेड जोन की ओर बढ़ रहे हैं जबकि खान अपनी पार्टी के नेताओं के साथ एक ट्रक पर सवार थे। सेना के जवानों ने रेड जोन में मोर्चा संभाल लिया है और 111 ब्रिगेड की तैनाती की गई हैं। ड्रोन की भी मदद ली जा रही हैं।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ या पाकिस्तान अवामी तहरीक के समर्थकों के रेड जोन में घुसने पर अप्रिय घटना की आशंका के कारण लेफ्टिनेंट जनरल कमर बाजवा ने कॉन्स्टीट्यूशनल एवेन्यू पर स्थित प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर समन्वय के लिए इस्लामाबाद पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से बात की है। 

खान ने कहा कि हम ‘अवैध’ संसद भवन की तरफ शांतिपूर्ण तरीके से केवल मार्च करेंगे और इसके सामने धरना देंगे। हम रेड जोन को ग्रीन जोन में बदल देंगे।

खान ने कहा, ‘‘हमारा आजादी मार्च संवैधानिक और लोकतांत्रिक है।’’ उन्होंने धरना स्थल में जहाज के एक कंटेनर में रात गुजारी। हालांकि, सरकार ने प्रदर्शनकारियों को ‘रेड जोन’ में घुसने से अभी तक रोक रखा है जहां संसद भवन, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री आवास तथा विभिन्न देशों के दूतावास सहित अन्य महत्वपूर्ण इमारतें हैं।

खान ने शरीफ की पार्टी पीएमएल एन पर 2013 के आम चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है और उनसे इस्तीफा देने की मांग की है। शरीफ की पार्टी को इस चुनाव में शानदार जीत मिली थी। यह चुनाव दो लोकतांत्रिक सरकारों के बीच सत्ता का प्रथम हस्तांतरण था। 

वर्ष 2013 के चुनाव में शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को 190 सीटें मिली थी। खान की पाकिस्तान तहरीक- ए-इंसाफ (पीटीआई) को 342 सदस्यीय नेशनल एसेंबली में 34 सीटें मिली थी। खान के मार्च करने के आह्वान के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। 

संवेदनशील इलाके में प्रदर्शन करने के लिए 40,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। खान की पार्टी ने नेशनल एसेंबली


से अपने सांसदों को और प्रांतीय विधानसभाओं से अपने विधायकों को कल वापस बुलाने का फैसला किया था। 

इस बात की आशंका जताई जा रही है ‘रेड जोन’ में घुसने की प्रदर्शनकारियों की किसी भी कोशिश से संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है। 

पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान ने कहा है कि सरकार ने ‘रेड जोन’ की सुरक्षा सेना के हाथ में सौंपने का फैसला किया है ताकि इसमें प्रदर्शनकारियों को घुसने से रोका जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘हमनें इस्लामाबाद के रेड जोन की सुरक्षा सेना को सौंपने का फैसला किया है।’’

निसार ने बताया कि त्रिस्तरीय सुरक्षा में पुलिस, पैरामिलिट्री रेंजर्स और सेना का सुरक्षा घेरा होगा। 

गौरतलब है कि सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने राजधानी के संवेदनशील इलाके की सुरक्षा पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। वे रेड जोन में शांति के लिए सेना तैनात करने पर सहमत हुए। 

कुछ दूतावासों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आशंका जताई, जिस पर विदेश कार्यालय ने विदेशी राजनयिकों को भरोसा दिलाया कि सरकार उन्हें पूरी सुरक्षा मुहैया करेगी। खान की पार्टी ने नेशनल एसेंबली और खैबर पख्तूनख्वा को छोड़ कर सभी प्रांतीय विधानसभाओं से अपने सदस्यों को बुलाने का कल फैसला किया। 

मुस्लिम धर्मगुरु ताहिर उल कादरी ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को इस्तीफा देने के लिए और चुनाव कराने के लिए बाध्य करने के मकसद से एक वैकल्पिक संसद का गठन करेंगे। उन्होंने बातचीत के लिए पीएमएल-एन नीत सांसदों की समिति से मिलने से इनकार कर दिया। 

कादरी ने कहा कि ‘अवामी संसद’ भविष्य की रणनीति पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि देश की तकदीर बदलने जा रही है। अन्य विपक्षी दलों ने प्रदर्शन और सरकार के विरोध में कर अदायगी रोकने के आह्वान की आलोचना की है। गौरतलब है कि खान ने लोगों से कर अदा नहीं करने का आह्वान किया है। 

सरकार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार से ही खान अपने हजारों समर्थकों के साथ राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस्लामाबाद के दो राजमार्गों पर सरकार विरोधी हजारों प्रदर्शनकारी हैं।

इस बीच, सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर लोकतंत्र को पटरी से उतारने का प्रयास करने का आरोप लगाया। अन्य विपक्षी दलों ने प्रदर्शनों की तथा बिलों का भुगतान न करने के खान के आह्वान की आलोचना की है। यह राजनीतिक अस्थिरता ऐसे वक्त आई है जब पाकिस्तान आतंकवादियों और खासतौर पर अफगान सीमा से लगे कबायली इलाके में आतंकवाद के खिलाफ अभियान चला रहा है।

पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने असैन्य सरकार को हटाने के किसी असंवैधानिक कदम के खिलाफ शुक्रवार को एक आदेश जारी किया था। सेना को राजधानी की सुरक्षा की बागडोर तीन महीने के लिए पहले ही दी जा चुकी है। हालांकि, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की सत्ता हथियाने का उसका इतिहास रहा है। 

अपने 67 साल के इतिहास में पाकिस्तान ने तीन तख्तापलट देखे हैं जिसमें 1999 का शरीफ के खिलाफ तख्तापलट भी शामिल है जो तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने किया था। 

(भाषा)

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?