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मुलायम सिंह जब भी बुलाएंगे तो आऊंगा: अमर सिंह PDF Print E-mail
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Tuesday, 19 August 2014 14:15


लखनऊ। कभी समाजवादी पार्टी (सपा) के बेहद ताकतवर नेता रहे और बाद में दल से निकाले गए राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने आज सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की। 

सूत्रों के मुताबिक सिंह ने सपा प्रमुख के आवास पर उनसे मुलाकात की। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद उनकी सपा में वापसी की अटकलें और तेज हो गयी हैं। 

हालांकि सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में इस मुलाकात की वजह के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हंगामा क्यों है बरपा, मुलाकात ही तो की है, चोरी तो नहीं की, डाका तो नहीं डाला...... हमारे पारिवारिक सम्बन्ध रहे हैं। राजनीति में हम थे लेकिन हमारे सम्बन्ध राजनीतिक नहीं थे।’’ 

सपा में वापसी की सम्भावना के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। मैं शरीर और मन से टूटा हुआ व्यक्ति हूं। मुलायम सिंह जी से मुलाकात कोई नई बात नहीं है। वह मुझसे बड़े हैं। उन्होंने मुझे अतीत में बहुत प्रेम दिया है। वह जब भी बुलाएंगे तो आऊंगा। हमारे बीच कोई दूरी नहीं है।’’ 

मुलाकात के दौरान हुई बातों के बारे में पूछे जाने पर पूर्व सपा महासचिव ने कहा, ‘‘हमारे और उनके व्यक्तिगत सम्बन्ध हैं, राजनीतिक सम्बन्ध नहीं है। उनके निर्वहन के तहत नितान्त व्यक्तिगत बातें शिवपाल और अखिलेश की उपस्थिति में हुईं । उन बातों को सार्वजनिक करने का अधिकार मुलायम सिंह जी को है..... अखिलेश को है..... शिवपाल जी को है। एक क्षण, एक पल और एक दिन भी नहीं रहा जब हमारा और शिवपाल का सम्बन्ध विच्छेद हुआ


हो।’’ 

अमर सिंह ने कहा, ‘‘इस पूरे प्रकरण में शिवपाल जी ने पहल की। आज मैं सबसे पहले शिवपाल के यहां गया और फिर मुलायम सिंह जी के यहां गया।’’ 

कभी सपा में ‘नम्बर दो’ की हैसियत रखने वाले अमर सिंह को फरवरी 2010 में सपा से निकाल दिया गया था। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल आगामी नवम्बर में समाप्त हो रहा है और उन्हें दोबारा संसद पहुंचने के लिए सपा के सहारे की जरूरत पड़ सकती है। 

सिंह चार साल बाद गत पांच अगस्त को लखनऊ में जनेश्वर मिश्र पार्क के लोकार्पण समारोह में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ मंच पर नजर आये थे और उन्होंने पार्टी मुखिया की शान में कसीदे पढ़ते हुए खुद को समाजवादी नहीं, बल्कि ‘मुलायमवादी’ करार दिया था। उसके बाद से उनकी सपा में वापसी की अटकलें लगने लगी थीं। 

अमर सिंह की सपा में वापसी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म होने के बीच पार्टी महासचिव रामगोपाल यादव ने गत 17 अगस्त को मैनपुरी में ऐसी किसी भी सम्भावना से इनकार किया था।  यादव ने कहा था, ‘‘अमर सिंह की सपा में वापसी की कोई सम्भावना नहीं है। यहां तक कि पार्टी में किसी भी स्तर पर इस बात को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।’’ 

सपा के महासचिव रह चुके अमर सिंह ने गत लोकसभा चुनाव में फतेहपुर सीकरी से राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें करारी पराजय का सामना करना पड़ा था। 

(भाषा)

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