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डब्लूटीओ पर कांग्रेस सदस्यों ने कहा: 'स्पष्टीकरण दें मोदी' PDF Print E-mail
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Tuesday, 12 August 2014 08:40


जनसत्ता ब्यूरो

नई दिल्ली। कांग्रेस ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को लेकर हंगामा किया जिसमें उन्होंने कहा था कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) में गरीबों के हितों के साथ समझौता किया था। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण देने की मांग की। कांगे्रस सदस्यों ने मोदी पर लोगों को दिग्भ्रमित करने और संसद की गरिमा को प्रभावित करने का आरोप लगाया। इन सदस्यों ने कहा कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर अपनी ही सरकार की वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान का खंडन कर रहे हैं। हंगामे के कारण सुबह सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और इस वजह से सदन में  प्रश्नकाल नहीं चल सका। 

कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि डब्लूटीओ पर सरकार के बयानों में अंतर है। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उनकी पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और बयान में कोई विरोधाभास नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भाजपा की राष्ट्रीय परिषद को संबोधित करते हुए यूपीए सरकार पर डब्लूटीओ में गरीबों के हितों की अनदेखी कर समझौता करने का आरोप लगाया था। मोदी ने कहा था कि इसके विपरीत नई सरकार ने डब्लूटीओ की हाल में जिनेवा में हुई बैठक में खाद्य सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया था। 

मोदी के बयान को लेकर सरकार पर हमला बोलते हुए कांगे्रस सदस्य और पूर्व वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि हमारे खिलाफ आरोप और किसी ने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री ने लगाए हैं। इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए, क्योंकि यह देश को दिग्भ्रमित करता है। प्रधानमंत्री ने अपनी ही मंत्री के बयान का खंडन किया है। उन्हें सदन में आना चाहिए और स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 

कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने भी सवाल करते


हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने अपनी ही सरकार की मंत्री के बयान का खंडन किया है। जबकि मंत्री ने दावा किया है कि डब्लूटीओ में सरकार के रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

कांग्रेस सदस्यों की ओर से स्पष्टीकरण की मांग किए जाने के बाद वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि चीजों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने जो चर्चा की थी, प्रधानमंत्री की टिप्पणी उसी की पृष्ठभूमि में है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने डब्लूटीओ समझौते के एक उपबंध  पर चार साल तक कोई कदम नहीं उठाया और इसे अधर में छोड़ दिया। प्रधानमंत्री की टिप्पणी को उसी संदर्भ में देखा जाना महत्त्वपूर्ण है।

कांगे्रस सदस्यों ने कहा कि उन्होंने (निर्मला सीतारमण) कहा था कि डब्लूटीओ में राजग सरकार के रुख में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के रुख से कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस पर मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार जिस समझौते पर सहमत हुई थी, वह पूरी तरह से संपूर्ण नहीं था। 

इसके पहले प्रश्नकाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि उनकी पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और बयान में कोई विरोधाभास नहीं है। 

उन्होंने कहा कि बाली में संपन्न डब्लूटीओ की बैठक में पिछली सरकार द्वारा किए गए करार पर उनकी पार्टी ने पिछले साल दिसंबर में आपत्ति जताई थी और पार्टी का यह रुख आज भी यथावत है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कोई मतभेद नहीं हैं और प्रधानमंत्री ने वही कहा है जो वाणिज्य मंत्री ने कहा है।


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