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इराक (मोसुल) में फंसे भारतीय: परिजनों ने मांगी विदेश मंत्रालय से मदद PDF Print E-mail
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Thursday, 19 June 2014 16:13

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अमृतसर। इस्लामी चरमपंथियों द्वारा इराक में जारी हिंसा के बाद इराक में फंसे पंजाब के युवकों के परिजनों ने केंद्र से अपील की है कि वह भारतीयों की सुरक्षित और जल्दी वापसी सुनिश्चित करे।

भारतीय कर्मचारी उत्तर इराक के मोसुल शहर में एक निर्माण परियोजना पर काम कर रहे थे। मोसुल पर सुन्नी आतंकी समूह, आईएसआईएस ने कब्जा जमा लिया है। इस परियोजना में काम कर रहे अधिकतर कर्मचारी पंजाब और भारत के उत्तरी भागों से थे। मोसुल में लगभग 40 पंजाबी लड़के हैं, जो वहां तारीख नूर-उल-हुडा नामक कंपनी में पिछले दस माह से काम कर रहे थे।

अमृतसर के निकट के गांवों में रहने वाले ऐसे छह युवाओं के घबराए हुए परिजनों ने उनकी सुरक्षित वापसी में मदद करने की अपील की है।

मजीठा गांव की निवासी गुरपिंदर कौर ने कहा कि उनके भाई मजिंदर सिंह को एक ट्रैवल एजेंट ने प्रलोभन दिया था। उसने पहले सिंह को दुबई भेजा और बाद में इराक में लगा दिया। अब वह वहां फंस गया है। मजिंदर इराकी कंपनियों के साथ काम करने वाले उन युवकों में से एक है, जिन्हें इस इलाके में आतंकियों के कब्जे के बाद बंद कर दिया गया था।

कौर ने कहा कि उनके भाई ने दो दिन पहले फोन पर उन्हें बताया था कि इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के आतंकी उनका ध्यान रख रहे हैं और इराक छोड़ने में उनकी मदद करना चाहते


हैं। उन्होंने कहा कि वे बगदाद स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में बनी हुई हैं और उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से इस मामले में सरकार की ओर से मदद का अनुरोध किया है।

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से इराक में फंसे पंजाबी युवकों के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई जानी अभी बाकी है। हालांकि केंद्र सरकार ने उन्हें बताया है कि उसने बातचीत के लिए अधिकारियों को इराक भेजा है।

इराक में फंसे अन्य युवकों की मां मोहिंदर कौर ने कहा कि स्वराज ने उन्हें बताया है कि सरकार भारतीय नागरिकों के अपहरण के मुद्दे से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। कौर ने चिंता जताई कि पंजाब से इराक जाने वाले अधिकतर युवक बिना पर्याप्त यात्रा दस्तावेजों के गए हैं।

मोसुल में फंसे जतिंदर सिंह की मां रंजीत कौर ने कहा कि उन्होंने उससे पिछली बार रविवार को बात की थी। उसके बाद से उससे सारे संपर्क टूट गए। अमृतसर के पास के गांवों के जो युवक इराक में फंसे हैं, उनकी पहचान मजिंदर सिंह (24), हरसिमरनजीत सिंह (23), गुरचरण सिंह (32), जतिंदर सिंह (30), सोनू (33) और कमलजीत सिंह रूपोवाली (35) के रूप में हुई है।

(भाषा)

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