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अपहृत भारतीयों को छुड़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे: विदेश मंत्री PDF Print E-mail
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Thursday, 19 June 2014 14:50

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नई दिल्ली। इराक के मोसुल शहर में 40 भारतीयों के अपहरण पर गहरी चिंता जताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज कहा कि उन्हें छुड़ाने सहित हिंसाग्रस्त इस खाड़ी देश में फंसे अन्य भारतीयों को भी निकालने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

अपहृत व्यक्तियों के परिजनों को आश्वासन देते हुए उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सभी प्रयास जारी हैं (उन्हें छुड़ाने के)। मैं व्यक्तिगत तौर पर इसे देख रही हूं। उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हम कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।’’

विदेश मंत्रालय ने कल बताया था कि मोसुल में 40 भारतीयों का अपहरण कर लिया गया है लेकिन फिरौती की कोई मांग प्राप्त नहीं हुई है।

इन अपहृत लोगों में अधिकतर पंजाब और उत्तर भारत के क्षेत्रों से हैं। वे उत्तरी इराक के मोसुल शहर में एक निर्माण परियोजना  में कार्यरत थे। इनका सुन्नी चरमपंथी समूह आईएसआईएस ने अपहरण कर लिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार इन्हें छुड़ाने को लेकर


और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए भारत विभिन्न मानवीय एजेंसियों और इराक सरकार से संपर्क में है। इराक में लगभग 10 हजार भारतीय रह रहे हैं।

मंत्रालय ने बताया कि वह इराक के तिकरित में फंसी 46 भारतीय नर्सों से संपर्क में है। इस शहर पर भी आईएसआईएस चरमपंथियों ने कब्जा कर लिया है। भारतीय दूतावास के आग्रह पर अंतरराष्ट्रीय रेड क्रिसेंट ने इन नर्सो से संपर्क किया है। सरकार ने बगदाद स्थित भारतीय दूतावास को मजबूती देने के लिए पूर्व राजनयिक सुरेश रेड्डी को वहां भेजा है।

इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि उनकी सरकार मोसुल में अपृहत पंजाबियों की सुरक्षित वापसी का सारा खर्च उठाने को तैयार है।

(भाषा)

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