मुखपृष्ठ
Bookmark and Share
अब बगदाद पर कब्जे के लिए लड़ाई PDF Print E-mail
User Rating: / 0
PoorBest 
Friday, 13 June 2014 10:39

किरकुक / बगदाद / वाशिंगटन। उत्तर में एक शहर पर कब्जा करने के बाद गुरुवार को विद्रोही बगदाद की तरफ बढ़ गए। इस बीच अमेरिका ने विद्रोहियों से निपटने के लिए इराकी सुरक्षा बलों की मदद के मकसद से हवाई हमले करने का संकेत दिया है। 

‘सुन्नी मुसलिम इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड लेवैंट’ (आइएसआइएल) के लड़ाके सोमवार को शुरू  हुए इस हमले का नेतृत्व कर रहे हैं। चश्मदीदों और अधिकारियों ने कहा कि ये लड़ाके धुलुइयाह शहर पर कब्जा करने के बाद गुरुवार को बगदाद की तरफ बढ़ गए। उन्होंने पास के मुआतस्साम क्षेत्र पर भी कब्जा कर लिया है।

जेहादी वेबसाइटों की ओर से जारी बयान के मुताबिक आइएसआइएल प्रवक्ता अबु मोहम्मद अल अदनानी ने वादा किया कि समूह के सदस्य बगदाद और शिया मुसलिमों के पवित्र शहरों में से एक करबला पर धावा बोलेंगे।

लड़ाकों के लगातार आगे बढ़ने के बीच इराक की संसद ने प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी और राष्ट्रपति कार्यालय के आपातकाल घोषित करने के अनुरोध पर विचार के लिए आपातकालीन सत्र बुलाया है। आपातकाल लागू करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, इसलिए विभाजित संसद में यह प्रस्ताव पास होने की संभावना कम ही है। 

वाशिंगटन बगदाद को ड्रोन हमले सहित दूसरी सैन्य मदद देने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन पसाकी ने कहा कि अमेरिका आइएसआइएल के हमलों के खिलाफ इराकी सरकार और इराक के नेताओं के साथ मिल कर मदद करने के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिकों को इराक भेजने की कोई योजना नहीं है। 

बगदाद से मिली खबरों के मुताबिक इस्लामिक बंदूकधारी इराक के सुन्नी बहुल इलाके में काफी अंदर तक घुस गए हैं और वे सद्दाम हुसैन के गृहनगर तिकरित पर भी कब्जा जमा लिया है। सैनिक और सुरक्षा बल अपनी चौकियां छोड़ कर भाग गए हैं। यह इलाका एक समय में अमेरिकी फौजों के


कब्जे में था। इस्लामिक स्टेट आॅफ इराक के लड़ाकों और लेवेंट उग्रवादी समूह के बंदूकधारियों ने इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल पर भी कब्जा कर लिया। इस वजह से पांच लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ कर चले गए। 

इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजंसी इरना ने खबर दी है कि ईरानी एअरलाइंस ने सुरक्षा संबंधी चिंता के चलते तेहरान और बगदाद के बीच अपनी सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। साथ ही ईरान ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा उपाय भी कड़े कर दिए हैं। 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने मोसुल में तुर्की के वाणिज्य दूतावास से अगवा तुर्की के 49 नागरिकों की तत्काल, बिना शर्त और सुरक्षित रिहाई की मांग की है। बान के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चरमपंथी समूहों द्वारा मोसूल स्थित तुर्की के वाणिज्य दूतावास पर कब्जा करने और महावाणिज्य दूत, कई कर्मचारियों और अन्य तुर्की नागरिकों के अपहरण किए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। बान ने वाणिज्य दूतावास परिसरों की पवित्रता के मौलिक सिद्धांतों का उल्लेख किया और बंधकों की तत्काल, बिना शर्त और सुरक्षित रिहाई के लिए आह्वान किया। 

इस बीच तुर्की ने कहा है कि अगर बंधकों को कोई नुकसान हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। उसने यह भी कहा है कि उसके 49 नागरिकों का वाणिज्य दूतावास से अपहरण कर मोसुल के दूसरे हिस्से में ले जाया गया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जोए बाइडेन ने तुर्की के प्रधानमंत्री से मोसुल की सुरक्षा स्थिति पर बात की है। बाइडेन ने तुर्की के प्रधानमंत्री एरदोगन से कहा कि अमेरिका तुर्की के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तुर्की के प्रयासों का समर्थन करने तैयार है और सुरक्षा हालात के समाधान के सिलसिले में वह तुर्की व इराकी सरकारों के साथ संपर्क बनाए हुए है।

(एएफपी)

आपके विचार

 
 

आप की राय

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया है कि 'भाजपा के झूठे सपने के जाल में आम जनता फंस गई है' क्या आप उनकी बातों से सहमत हैं?