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मेरे आलोचक नहीं जानते मैं कितनी कड़ी मेहनत करता हूं : यूसुफ पठान PDF Print E-mail
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Monday, 26 May 2014 13:26

कोलकाता। आइपीएल का सबसे तेज अर्धशतक जड़ने के बाद उत्साह से लबरेज कोलकाता नाइटराइडर्स के आलराउंडर यूसुफ पठान ने अपने आलोचकों को आड़े हाथों लिया और कहा कि उन्हें नहीं पता कि वे कितनी कड़ी मेहनत करते हैं। यूसुफ की लचर फार्म के लिए लगातार आलोचना हो रही थी। इस बारे में उन्होंने कहा कि लोग नहीं जानते कि मैं इन सब चीजों को हासिल करने के लिए क्या कर रहा हूं। आलोचना करना उनका काम है। इसके लिए उन्हें पैसे मिलते है और मुझे खेलने के लिए पैसे मिलते हैं। हर कोई अपना काम कर रहा है। 


उन्होंने कहा कि वे जो चाहें कह सकते है, मैं जानता हूं कि मैं क्या हासिल कर रहा हूं। मेरी सोच साफ है कि मैं क्या करना चाहता हूं और मैं अपनी योग्यता से वाकिफ हूं। मैं जानता हूं कि एक ओवर में मैं कितने रन बना सकता हूं। मैं जानता हूं कि एक ओवर में 20 रन बनाने के लिए मैंने कितनी मेहनत की है। पठान बंधुओं में बड़े भाई यूसुफ ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा कि मैं जानता हूं कि मैंने नेट्स पर कितनी कड़ी मेहनत की है और जब मैच नहीं होता तब मैं कितनी मेहनत करता हूं। मैंने खुद पर भरोसा रखा। यह परीक्षा से पहले अच्छी तैयारी करना जैसा है। मैं इसकी परवाह नहीं करता कि लोग क्या कहते हैं। 

यूसुफ ने 22 गेंद पर 72 रन की तूफानी पारी खेली जिससे केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद का 161 रन का लक्ष्य 14.2 ओवर में हासिल किया और चेन्नई सुपरकिंग्स को नेट रन रेट


के आधार पर आइपीएल अंकतालिका से दूसरे स्थान से हटाया। केकेआर को दूसरा स्थान हासिल करने के लिए 15.2 ओवर में लक्ष्य हासिल करना था। जब यूसुफ ने क्रीज पर कदम रखा तो तब उसे 47 गेंद पर 106 रन की दरकार थी। पठान को शून्य और 16 रन पर जीवनदान मिला और इसके बाद उन्होंने किसी गेंदबाज को नहीं बख्शा। यहां तक कि डेल स्टेन के एक ओवर में उन्होंने दो छक्के और तीन चौके लगाए। 

यूसुफ ने कहा कि वे भूल गए हैं कि उन्होंने लंच में क्या खाया था लेकिन उन्हें याद है कि उनके कप्तान गौतम गंभीर ने उन्हें क्या निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही क्वालीफायर एक में जगह बनाने, प्लेआफ यहां खेलने और फाइनल में जगह बनाने के दो मौके हासिल करने के बारे में सोच रहे थे। अगर मैं पहली गेंद पर आउट हो जाता तो आप लोग मेरी आलोचना करते। मैं चाहता था कि मेरी टीम बेपरवाह होकर खेले। मैं गौतम के निर्देशों का पालन कर रहा था। पठान ने कहा कि मैं ज्यादा नहीं सोच रहा था। हमें दूसरा स्थान हासिल करने के लिए 36 गेंदों पर 80 रन के आसपास बनाने थे। मेरे दिमाग में एक ही बात चल रही थी कि जो गेंद मेरी जद में आएगी उस पर लंबा शाट खेलना है। हम हर ओवर में 12 से 15 रन बनाना चाहते थे। 

(भाषा)


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