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IPL-7: पंजाब के बल्लेबाजों को रोकना नहीं होगा आसान PDF Print E-mail
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Monday, 19 May 2014 09:09

altफ़ज़ल इमाम मल्लिक

नई दिल्ली। सोमवार को दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम किंग्स इलेवन पंजाब

के खिलाफ फीरोज शाह कोटला मैदान पर उतरेगी तो लाख टके का सवाल यह है कि क्या टीम अपने हार के सिलसिले को तोड़ पाएगी। फीरोजशाह कोटला मैदान पर इस सत्र में खेले गए अब तक चारों मैच तो उसने गंवाए ही हैं, भारत में अब तक वह जीत के लिए तरस रही है। संयुक्त अरब अमीरात में मिली दो जीत के अलावा उससे अब तक जीत रूठी हुई है और वह अंक तालिका में फिसड्डी है। लगातार छह मैचों में मिली हार के सिलसिले को दिल्ली की टीम सोमवार को तोड़ना चाहेगी ताकि अपने घरेलू मैदान पर वह अपना अभियान जीत के साथ खत्म करे।  दिल्ली की टीम को राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपरकिंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद ने एकतरफा रहे मुकाबले में बुरी तरह छकाया था। जाहिर है कि ऐसे में वह उसकी कोशिश होगी कि हार के सिलसिले को भी तोड़े और घरेलू मैदान पर जीत के साथ अमत करे ताकि कम से कम दिल्ली के दर्शक जश्न तो मना सकें। जो अब तक वे नहीं कर पाए हैं। आइपीएल के सातवें सत्र में घरेलू मैदान पर दिल्ली सोमवार को अपना अंतिम मैच खेलेगी।

लेकिन केविन पीटरसन की अगुआई वाली दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम संकट से जूझ रही है। न उनकी बल्लेबाजी चल पा रही है और न ही गेंदबाजी लय में है। रही सही कसर क्षेत्ररक्षक पूरा किए दे रहे हैं। लचर गेंदबाजी और बेदम बल्लेबाजी के बूते पंजाब किंग्स इलेवन को वह बड़ी चुनौती दे पाएगी, कम से कम ऐसा लगता तो नहीं है। लेकिन क्रिकेट के खेल में कई अगर-मगर होते रहते हैं। सोमवार को अगर ऐसा होता है तो ही दिल्ली कोई चमत्कार कर सकती है। लेकिन इसके लिए उसे ‘चमत्कारिक ’ प्रदर्शन भी करना होगा, जो आसान काम नहीं है। खास कर पंजाब के खिलाफ। पंजाब की टीम अभी रंगत में है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर रही है। पंजाब की टीम पूरी रंगत में है और दस मैचों में आठ जीत के साथ टॉप पर है, तो दूसरी तरफ दिल्ली की टीम ग्यारह मैचों में सिर्फ दो जीत के साथ अंतिम स्थान पर है और टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। दिलचस्प यह है कि दिल्ली की टीम पिछला सीजन में भी अंतिम स्थान पर रही थी। टीम जिस तरह खेल रही उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आइपीएल के इस संस्करण में भी टीम की स्थिति में किसी तरह के सुधार की गुंजाइश कम है। उसे अगर इससे बचना है तो बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा और बाकी बचे तीनों मैच उसे जीतने होंगे। लेकिन टीम जिस तरह का प्रदर्शन कर रही है, उसे देखते हुए यह काम आसान नहीं है।

पंजाब के खिलाफ अगर दिल्ली को जीत दर्ज करनी है तो उसे बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। बल्लेबाजों को ताबड़तोड़ करना होगा तो गेंदबाजों को लय में गेंदबाजी करनी होगी। इस सत्र में दिल्ली की फील्डिंग भी खराब रही है। क्षेत्ररक्षण के स्तर को उसे सुधारना होगा। मध्यक्रम के दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज जेपी डुमिनी ने कुछ दिन पहले बातचीत में कहा था कि टीम अभी तक एकजुट होकर खेलने में नाकाम रही है। उनकी बात गलत भी नहीं है। टीम को एकजुट होकर प्रदर्शन करना होगा और इसके लिए पीटरसन को आगे आना होगा। उनका खुद का प्रदर्शन भी टीम के साथी खिलाड़ियों को प्रेरित करने में नाकाम रहा है। जबकि टीम ने उन्हें करीब नौ करोड़ की मोटी रकम में खरीदा है।  पीटरसन चोट के कारण शुरुआती मैचों में नहीं खेल पाए थे। लेकिन बाद के मैचों में भी उनके बल्ले से रनों का प्रवाह देखने को नहीं मिला है। वे अब तक आठ मैचों में 143 रन ही बना पाए हैं। 

इस सत्र में डुमिनी ने ही भरोसे के साथ बल्लेबाजी करते हुए ग्यारह मैचों में 240 रन बनाए हैं, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक के खाते में 236 रन हैं। इन दोंनों के अलावा दिल्ली का कोई बल्लेबाज अब तक कसौटी पर खरा नहीं


उतर पाया है। हालांकि दिनेश कार्तिक भी बल्ले से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। विकेटकीपिंग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। निचले क्रम में केदार जाधव ने सात मैचों में 47.33 की औसत से 142 रन बनाकर डुमिनी का अच्छा साथ निभाया है लेकिन उन्हें अंतिम ओवरों में खेलने के लिए काफी गेंदें नहीं मिल रही हैं। ओपनर मुरली विजय ने बीच-बीच में चमक दिखाई है लेकिन बड़ा स्कोर वे भी नहीं कर सके। रॉस टेलर और मनोज तिवारी को मौके कम मिले। पिछले मैच में तिवारी ने चमकदार पारी खेली थी। पता नहीं क्यों मनोज को अब तक ज्यादातर मैचों में बेंच पर बिठाए रखा गया। जबकि वे उपयोगी ऑलराउंडर हैं। क्विंटन डि काक और मयंक अग्रवाल से भी जितनी उम्मीदें थीं, वह उन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। 

दिल्ली की दिक्कत यह भी रही कि बल्लेबाज तो नाकाम रहे ही, गेंदबाज भी नहीं चले। कुछ मैचों में बल्लेबाज चले तो बड़े स्कोर का गेंदबाज बचाव नहीं कर पाए। दिल्ली की यह परेशानी इस सत्र में बनी रही है। तेज गेंदबाज वेन पार्नेल हों या मोहम्मद शमी या फिर लक्ष्मी रतन शुक्ला। कोई भी प्रभावशाली प्रदर्शन करने में नाकाम रहा। जयदेव उनादकट लय में तो दिख रहे हैं लेकिन उनकी परेशानी यह है कि विकेट नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे उनकी धार भी कुंद दिखाई देती है। स्पिनर शहबाज नदीम भी इस बार कोई कलाकारी नहीं दिखा पा रहे हैं। उन्होंने नो मैचों में अब तक सिर्फ सात विकेट ही हासिल किया है।  तेज गेंदबाज नाथन कोल्टर नाइल की जगह टीम में शामिल किए गए दक्षिण अफ्रीका के लेग स्पिनर इमरान ताहिर ने अभी तक तीन मैच ही खेल पाए हैं और दो विकेट हासिल किए हैं। लेकिन उनसे भी जितनी उम्मीदें थीं दिल्ली टीम को वह पूरी होती नहीं दिख रही हैं। 

दूसरी तरफ पंजाब की टीम इस बार पूरी तरह रंगत में है। क्या बल्लेबाजी और क्या गेंदबाजी। प्रीति जिंटा की यह टीम सही राह पर लगी हुई है। बल्लेबाजी में ग्लेन मैक्सवेल और डेविड मिलर की तूफानी जोड़ी के अलावा वीरेंद्र सहवाग, कप्तान जॉर्ज बैली, रिद्धिमान साहा और मनन वोहरा हैं। जो किसी भी गेंदबाजी को बिखेर कर रख सकते हैं। मैक्सवेल तो इस सत्र में टॉप पर हैं। उन्होंने अब तक दस मैचों में 198.08 के स्ट्राइक रेट के साथ 51.70 की औसत के साथ टूर्नामेंट में सर्वाधिक 517 रन बनाए हैं। इनमें चार अर्द्धशतक हैं और चारों बार ही वे शतक के करीब पहुंच कर आउट हुए हैं। वे टूर्नामेंट के सबसे बड़े ‘रनबाज’ तो हैं ही, अब तक टूर्नामेंट में 46 चौके और 34 छक्के जड़ कर इस मामले में भी सबसे ऊपर हैं। उनके अलावा मिलर, सहवाग और बैली ने भी टीम की जीत में अहम योगदान दिया है। सहवाग ने कुछ मैचों में उपयोगी पारियां खेलीं हैं। दस मैचों में उन्होंने अब तक 257 रन बनाए हैं। जाहिर है कि इससे उनका आत्मविश्वास लौटा होगा। साहा और वोहरा ने पिछले मैच में सनराइसर्ज हैदराबाद के खिलाफ टीम की जीत के सूत्रधार रहे थे। साहा ने इस मैच में 26 गेंद में 54 जबकि वोहरा ने 20 गेंद में 47 रन की पारी खेली थी। पंजाब की टीम को भरोसा है कि सोमवार को भी उसके बल्लेबाज फीरोजशाह कोटला मैदान पर बड़ा स्कोर खड़ा करेंगे। पंजाब के गेंदबाजों ने भी सधा हुआ प्रदर्शन किया है और जब बल्लेबाज नहीं चले हैं तो गेंदबाजों ने टीम को जीत दिलाई है। तेज गेंदबाज संदीप शर्मा ने अब तक आठ मैच खेले हैं और 14 विकेट झटके हैं। फिर मिशल जॉनसन, रिषि धवन, अक्षर पटेल और लक्ष्मीपति बालाजी ने भी अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया है। मैच रात आठ बजे से शुरू होगा।

  

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